गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र एवं विजय दशमी का पर्व परंपरागत तरीके से मनाया जाएगा। इस बार सभी कार्यक्रम कोविड-19 के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए आयोजित किए जाएंगे। 17 अक्तूबर से शारदीय नवरात्र का शुभारंभ कलश स्थापना से होगा।
गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी कमलनाथ महाराज ने बताया कि 17 अक्तूबर को कलश स्थापना होगी। 23 अक्तूबर को निशा पूजन एवं हवन का आयोजन होगा। 25 अक्तूबर को महानवमी का व्रत होगा। इस तिथि को दिन में 12 बजे से कन्या पूजन एवं भोज होगा। 25 अक्तूबर को ही सुबह नौ बजे से श्रीनाथ जी की विशिष्ट पूजा एवं देव विग्रहों का पूजन होगा।
अपराह्न एक बजे से तीन बजे तक तिलकोत्सव का कार्यक्रम होगा। इसमें भक्त गोरक्षपीठाधीश्वर को तिलक लगाते हैं और पीठाधीश्वर भक्तों को तिलक लगाते हैं। इस दिन ही शाम चार बजे गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ मानसरोवर मंदिर तथा रामलीला मैदान अंधियारी बाग के लिए प्रस्थान करेंगे।
वहां देव विग्रहों का पूजन एवं अभिषेक करेंगे। उसके बाद रामलीला मैदान में भगवान श्रीराम का पूजन एवं तिलक संपन्न होगा। शाम सात बजे ब्राह्मण एवं अतिथि भोज होगा। मंदिर के मुख्य पुजारी कमलनाथ ने बताया कि गोरखनाथ मंदिर से लेकर रामलीला मैदान तक सभी कार्यक्रम कोविड के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए आयोजित होंगे।