सूर्यकुंड के बी ब्लॉक में गोरखनाथ मंदिर के पीछे तक बनने वाले लगभग चार किमी के इस नाले का निर्माण दो लेने में किया जा रहा है। नगर निगम के एक्सईएन देवेंद्र यादव ने बताया कि नाले की अधिकतम चौड़ाई तीन मीटर और न्यूनतम डेढ़ मीटर है। बताया कि जहां नाला ज्यादा चौड़ा है वहां नाले को मजबूरी के लिए दो भागों में बांटा गया है।
दुश्वारियों के बाद मिलेगी जलभराव से राहत
नाला निर्माण से भले ही लोगों को वर्तमान में दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा हो, लेकिन बारिश के दिनों में लोगों को यहां होने वाले जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी। बता दें कि पुराना नाला जर्जर होने के कारण यहां लोगों को बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या झेलनी पड़ती थी, ऐसे में यहां नाला निर्माण जरूरी था।
जगदीश नारायण ने कहा कि नाला का काम बहुत ही धीमी गति से चल रहा है। इससे दिन प्रतिदिन हम सभी की दुश्वारियां बढ़ती जा रही है। कई घरों के लोग घरों में ताला लगाकर दूसरे जगहों पर चले गए हैं।
मोहन आनंद आजाद ने कहा कि नाला निर्माण से भले ही स्थानीय लोगों को जलभराव से राहत मिल जाएगी, लेकिन वर्तमान में नाले की खुदाई हो जाने के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानियां झेलनी पड़ रही है।
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संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि नाला निर्माण के कारण नित्य कर्म सहित पानी से संबंधित सभी कामों में दिक्कत हो रही थी, ऐसे में परिवार को रिश्तेदार के घर भेज दिया हूं, जब नाला बन जाएगा तब परिवार को वापस लाउंगा।
ओम प्रकाश ने कहा कि नाले की खुदाई दूर तक कर दी गई है, जबकि नाले का निर्माण अभी कुछ ही मीटर तक हुआ है। ऐसे में लागों को घरों में जाने के लिए दिक्कत उठानी पड़ रही है। लगता है ये समस्या लंबे समय तक झेलनी पड़ेगी।
नगर निगम एक्सईएन देवेंद्र यादव ने कहा कि लोगों की समस्याओं से निजात दिलाने के लिए नाले का निर्माण कराया जा रहा है। तेजी से कार्य कराने के लिए ठेकेदार को निर्देशित किया गया है।