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Gorakhpur News: सोशल मीडिया के जरिये दर्द बयां करती थी प्रिया

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प्रिया द्वारा इंटा पर पाेस्ट किया गया वीडियो। स्रोत सोशल मीडिया
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‘सीधू शेट्टी’ नाम से बनाई थी आईडी, सैड सांग और शेरो-शायरी के 84 वीडियो किए थे पोस्ट
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। प्रिया हत्याकांड में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, उसकी सोशल मीडिया गतिविधियां पुलिस के लिए अहम कड़ी बनती जा रही हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रिया सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थी। वह इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिये अपने जीवन के दर्द और संघर्ष को बयां करती थी।
एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र ने बताया कि प्रिया ने इंस्टाग्राम पर ‘सीधू शेट्टी’ नाम से आईडी बना रखी थी। इस अकाउंट पर उसने कुल 84 वीडियो पोस्ट किए थे। उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 177 फॉलोअर्स थे, जबकि केवल 12 लोग ही उसे फॉलो बैक करते थे। अधिकतर वीडियो में प्रिया अपने बेटे के साथ नजर आती थी या फिर अकेले कैमरे के सामने भावुक अंदाज में वीडियो रिकॉर्ड करती थी।
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प्रिया के पोस्ट किए गए ज्यादातर वीडियो सैड सांग, दर्द भरे डायलॉग और शेरो-शायरी पर आधारित थे। कई वीडियो में वह टूटे रिश्तों, धोखे और अकेलेपन की बात करती दिखाई देती थी। कुछ पोस्ट में उसने जीवन से संघर्ष, भरोसे के टूटने और जिम्मेदारियों के बोझ का जिक्र भी किया था।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट से यह साफ संकेत मिलता है कि प्रिया, आरोपी विजय के चलते लंबे समय से मानसिक तनाव और भावनात्मक अस्थिरता से गुजर रही थी। वह अपने बेटे को ही अपनी जिंदगी का सहारा बताती थी और कई वीडियो में मां-बेटे की भावुक झलक दिखाई देती है।


हत्या से पहले भी इंस्टाग्राम पर थी सक्रिय
जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या से कुछ दिन पहले तक प्रिया इंस्टाग्राम पर सक्रिय थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या से ठीक पहले प्रिया ने किससे बातचीत की थी, किसे वीडियो भेजे थे और क्या किसी पोस्ट या चैट में उसे किसी खतरे का अंदेशा था। साइबर सेल प्रिया के इंस्टाग्राम अकाउंट की गहन तकनीकी जांच कर रही है। पोस्ट, मैसेज, कमेंट और फॉलोअर्स की गतिविधियों को खंगाला जा रहा है, ताकि मामले से जुड़े कोई अहम सुराग मिल सकें।


डिजिटल साक्ष्य बने जांच की अहम कड़ी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया गतिविधियां अब इस हत्याकांड की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य बन चुकी हैं। इंस्टाग्राम पोस्ट से न सिर्फ प्रिया की मानसिक स्थिति सामने आ रही है, बल्कि उसके संबंधों और हालिया संपर्कों को समझने में भी मदद मिल रही है। फिलहाल पुलिस सोशल मीडिया, सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों के बयानों को आपस में जोड़कर पूरे घटनाक्रम की कड़ी दर कड़ी जांच कर रही है।
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पर्दाफाश करने वाली टीम को मिला 11 हजार का इनाम
एसएसपी राज करन नय्यर ने हत्या का पर्दाफाश करने वाली टीम को 11 हजार रुपये का इनाम दिया है। टीम ने थानाप्रभारी अरुण सिंह, एसआई एसओजी राजमंगल सिंह, एंटी थेप्ट सेल प्रभारी इंद्रसेन सिंह, थानाप्रभारी चिलुआताल सूरज सिंह, एसओ गोला राकेश रोशन सिंह, एसआई पुरुषोत्तम आनंद सिंह, एसआई गौरव तिवारी, एसआई मनीष राज समेत 15 पुलिस कर्मी शामिल हैं।
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