निजीकरण, निगमीकरण और नई पेंशन योजना के विरोध में कर्मचारी संगठनों का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहा। पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने रेलवे स्टेशन परिसर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया तो नई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) ने प्रभात फेरी निकाली।
पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ ने महामंत्री विनोद कुमार राय के नेतृत्व में रेलकर्मियों ने स्टेशन पर जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। संघ के प्रवक्ता एके सिंह ने कहा कि सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों और श्रम कानूनों में किए जा रहे बदलाव से संगठित व असंगठित क्षेत्र के मजदूरों में जबरदस्त आक्रोश है। मौजूद सरकार ऐसे कानून बना रही है जिससे नियोक्ता को असीमित अधिकार मिल जाएंगे। वह मनमानी व दमनकारी रवैया अपनाएगा।
श्रमिक कानूनों में हो रहे बदलाव के पीछे पूंजीपतियों के रोल से इनकार नहीं किया जा सकत है। महामंत्री ने कहा कि सरकार मान्यता प्राप्त संगठनों की अनदेखी कर रही है। रेलवे का निजीकरण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर रामकृपाल शर्मा, दीपक चौधरी, हेमंत कुमार, विक्रम प्रसाद, कुलदीप मणि, ईश्वर चंद, मोनू पाठक, अजय गुप्ता, निशांत यादव, दीपक पांडेय आदि उपस्थित रहे।
इसी क्रम में एनई रेलवे मजदूर यूनियन के महामंत्री केएल गुप्त के नेतृत्व में कार्यकताओं ने बौलिया रेलवे कालोनी में भ्रमण कर कर्मचारियों से राष्ट्रव्यापी आंदोलन में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने कहा कि अगर सरकार औद्योगिक शांति को बनाए रखना चाहती है तो अपने क्रिया कलाप में बदलाव लाए।
रेलवे बोर्ड मनमानी से बाज आए ताकि मजदूर निर्भीक होकर रेल कार्य में अपनी सेवाएं दे सके। महामंत्री ने रेलकर्मियों से कहा कि हमें एकजुट होकर सरकार की नीतियों का विरोध करना होगा। पूरे देश में रेलवे को बेचने की साजिश चल रही है। इसे हम कामयाब नहीं होने देंगे। इस दौरान संजय मालवीय, ओंकार सिंह आदि मौजूद रहे।