जिले में पिपरा चंद्रभान, रामगुलाम टोला सहित 18 पशु आश्रय स्थल हैं। जहां 1288 पशुओं को रखा गया है। जिले में पशुओं की संख्या चार लाख 80 हजार के करीब है। जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी ने बताया कि बंदी शिविरों की स्थापना करने को लेकर पशु आश्रय स्थलों की जानकारी जुटाई जा रही है।
जेल अधीक्षकों से मांगी है जानकारी
खुले बंदी शिविरों की स्थापना के लिए सभी जेल अधीक्षकों को उप महानिरीक्षक कारागार मुख्यालय वीपी त्रिपाठी ने पत्र 12 अक्तूबर को भेजा। जिसमें उन्होंने जेल अधीक्षक एवं पशु चिकित्सा अधिकारी को संयुक्त रूप से अपनी रिपोर्ट देने की बात कहते हुए इस बात की जानकारी मांगी है कि इसमें कितने बंदियों को लगाया जा सकता है। इससे बंदियों में सुधार एवं पुर्नवास होगा।