उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में शुक्रवार को हत्या के प्रयास के आरोपी बंदी शुभम की मौत इलाज के दौरान मौत हो गई थी। जिसके बाद देर रात में परिजन शव को लेकर गांव पहुंचे। वहीं शनिवार की सुबह परिजन पुलिस कमिर्यों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि पुलिस की पिटाई के वजह से शुभम की मौत हुई है।
बता दें कि शुक्रवार की देर रात सपा नेताओं ने मृतक के परिजनों से मुलाकात की थी। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी ने आरोप लगाया कि पुलिसिया पिटाई से मौत हुई है। उन्होंने कहा कि परिजनों का कहना है कि शुभम नाबालिग था। वह दसवीं का छात्र था।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने बेरहमी से छात्र की पिटाई कर जेल भेजवा दिया। जेल में स्थिति खराब होने पर उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गई । सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार में अपराध चरम पर है।
सपा जिलाध्यक्ष ने सरकार से घटना के दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने और परिजनों को 10 लाख मुआवजा देने की मांग की है।