उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी कर रही प्रधानाध्यापिका को बीएसए ने बर्खास्त कर दिया है। खंड शिक्षा अधिकारी पौली को शिक्षिका के विरुद्ध थाने में केस दर्ज कराने का निर्देश भी बीएसए ने दिया है।
बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि महानिदेशक स्कूली शिक्षा अभियान ने 20 अक्तूबर 2020 को प्रदेश के 76 शिक्षकों की सूची भेजकर और उनके शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच का निर्देश दिया था। जिसमें उच्च प्राथमिक विद्यालय खेवसिया पौली पर तैनात प्रधानाध्यापिका कुसुम राय का भी नाम शामिल था।
इसकी जांच खंड शिक्षा अधिकारी पौली को दी गई थी। 12 जनवरी को बीईओ ने रिपोर्ट दी कि कुसुम राय दो दिसंबर से बिना सूचना के विद्यालय से नदारद चल रहीं हैं। जांच के दौरान संबंधित अध्यापिका का विद्यालय न आना संदेहास्पद प्रतीत हो रहा था।
ऐसे में पांच फरवरी को प्रधानाध्यापिका कुसुम राय को निलंबित कर दिया गया था। निलंबन आदेश संबंधित अध्यापिका के पते पर रजिस्टर्ड डाक से भेजा गया था, लेकिन लिफाफा वापस आ गया। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया गया जो फर्जी पाए गए है।
बीएसए ने बताया कि बिना सूचना के विद्यालय से गायब रहना, सेवा पुस्तिका में अंकित पते से प्रेषित लिफाफा वापस आ जाना आरोप को बल दे रहा है कि संबंधित प्रधानाध्यापिका कुसुम राय कूटरचित दस्तावेज व फर्जी तरीके से नियुक्त होकर नौकरी कर रही हैं। यह नियम विरुद्ध है।
ऐसे में प्रधानाध्यापिका कुसुम राय की नियुक्ति तिथि से सेवा समाप्त की जाती है। खंड शिक्षा अधिकारी पौली को निर्देश दिया गया है कि कुसुम राय के विरुद्ध थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए सूचना भेजें।