इसके बाद धीरे-धीरे दूध की खरीदारी हजार लीटर तक पहुंच गई। अब स्थिति यह है कि पराग डेयरी बंद होने के कगार पर पहुंच गई है। इसकी वजह से करीब दो करोड़ रुपये, किसानों के बकाए भी हो गए हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि इसे बंद नहीं होने दिया जाएगा।
जिले में 115 कलेक्शन सेंटर
गोरखपुर जिले में पराग डेयरी के 115 कलेक्शन सेंटर बनाए गए हैं। इन सेंटरों पर पहले सात से आठ हजार लीटर दूध इकट्ठा होता था, लेकिन अब यह सेंटर केवल नाममात्र के रह गए हैं। इस सेंटर की स्थिति ऐसी है कि 100 लीटर दूध भी इकट्ठे नहीं हो पा रहे हैं।