एसपी सिटी ने बताया कि मयंक त्रिपाठी के पिता की शाहपुर में रजाई-गद्दे की दुकान है। उसने अपने कर्मचारी आदित्य शर्मा के साथ मिलकर किशन उर्फ आकाश की बाइक ली थी। फिर बाइक की नंबर प्लेट पर टेप लगाकर बीते 25 मई को तारामंडल क्षेत्र के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. वाई सिंह की मां से चेन लूट की घटना की थी। इसके बाद बदमाशों ने 17 जून को रिटायर्ड सीएमएस डॉ. उमा श्रीवास्तव से चेन लूट ली।
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दोनों ही घटना सुबह की सैर के समय हुई थी। एक चेन को आरोपियों ने बेच दिया था, जबकि दूसरी को प्रदीप श्रीवास्तव की दुकान से बरामद किया गया है। एसपी सिटी ने बताया कि चेन को खरीदने वाले व्यापारी के भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच कर मुकाम तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने घटना का पर्दाफाश करने के लिए 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच की। हेलमेट और नंबर प्लेट पर टेप होने की वजह से पुलिस को पर्दाफाश में थोड़ा समय लगा, लेकिन कैमरों की मदद से गाड़ी के रंग का पीछा करते करते पुलिस बुधवार को आरोपियों तक उस समय पहुंच गई, जब वह मोबाइल लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए घर से निकले थे। हनुमान मंदिर तिराहा के पास से पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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अपराध के रास्ते पर अभी शुरुआत करने वाले मयंक को जब पुलिस, मीडिया के सामने लेकर आई तो वह फफक कर रोने लगा। कहने लगा, गलती हो गई, मैंने तो रुपये का इस्तेमाल भी नहीं किया। उधर, पिता ने बेटे की कारतूस जानने के बाद न तो पैरवी की और न ही सामने आए। उन्होंने पुलिस से कड़ी कार्रवाई की बात कही।
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डॉक्टर ने पुलिस का आभार जताया
डॉ. वाई सिंह ने मां की सोने की चेन मिलने के बाद आभार जताया। डॉक्टर ने बताया कि उनकी मां की यादें चेन से जुड़ी हैं। घटना के बाद वह सुबह के सैर पर निकलने से परहेज करने लगी थीं, लेकिन अब जैसे ही उन्हें पता चला कि आरोपी पकड़े गए तो खुश हो गईं और पुलिस को धन्यवाद दिया।