मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि इस बार अभियान में फिजिकल डिस्टेंसिंग, हाथों की सफाई और मॉस्क की अनिवार्यता का खासतौर पर ध्यान रखना है। अभियान में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आईसीडीएस, ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज विभाग, शिक्षा विभाग, नगर निगम/ शहरी विकास, कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, दिव्यांग कल्याण विभाग, स्व्च्छ भारत मिशन, सूचना विभाग, संस्कृति विभाग एवं चिकित्सा व शिक्षा विभाग की सहभागिता होगी।
अभियान संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश शासन स्तर से आना है। उन्होंने बताया कि जनपद से जिला प्रतिरक्षण अधिकारी (एसीएमओ) डॉ. आईबी विश्वकर्मा, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ ए के पांडेय, जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी के एन बरनवाल और डीसीपीएम रिपुंजय पांडेय व अन्य संबंधित अधिकारियों ने प्रशिक्षण में प्रतिभाग किया है।
प्रशिक्षण के प्रतिभागी जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि अभियान के दौरान देखा जाएगा कि जिन घरों में 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे हैं उन घरों पर स्टीकर चस्पा किया जाएगा। अभियान के दौरान फ्रंटलाइन वर्कस साबुन की टिक्की साथ रख कर चलेंगे।
अनिवार्य तौर पर मॉस्क का इस्तेमाल करना होगा। अभियान के दौरान ग्राम्य स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति, संचारी रोगों व एईएस समूह की बैठक, मातृ बैठक और स्वयं सहायता समूह की बैठकों में 4-5 लोग ही शामिल होंगे।