प्रधानमंत्री गीताप्रेस आने के बाद सबसे पहले मंदिर में ही जाएंगे। इसलिए, सभी आला अधिकारियों ने लीला चित्र मंदिर में जाकर निरीक्षण किया और जिम्मेदारों को आवश्यक निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आर्ट पेपर पर छपे 225 लीला चित्र वाली पुस्तक शिव महापुराण का विमोचन करेंगे। उनके प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक गीता प्रेस परिसर में भ्रमण करने के दौरान वे छपाई के मशीनों, प्रिंटिंग के कार्यों को देखने के बाद गीता प्रेस के ट्रस्टियों और कर्मचारियों से मुलाकात कर सकते हैं।
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सभी लोगों के नाम, मोबाइल नंबर और पहचान पत्र भी जुटाए जा रहे हैं। ऐसे लोगों के प्रशासन की ओर से पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। कार्यक्रम में आने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काफी पहले ही स्वीकृति दे दी थी, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय से उनके आगमन की तिथि तय नहीं की गई थी। गीता प्रेस के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि जब देश के प्रधानमंत्री गीता प्रेस पहुंच रहे हैं। उनकी तैयारियों में गीता प्रेस प्रबंधन की ओर से कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।
गीता प्रेस के प्रबंधक डॉ. लालमणि तिवारी ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कोई लिखित पत्र अब तक गीता प्रेस को प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों से उनके कार्यक्रम की जानकारी मिली है। अभी तक जो प्रस्तावित कार्यक्रम है, उसके मुताबिक लीला चित्र मंदिर में भ्रमण के बाद जर्मन हैंगर पंडाल के तले प्रधानमंत्री का संबोधन होगा। कार्यक्रम में करीब 300 से 400 लोगों के शामिल होने की संभावना है।
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लीला चित्र मंदिर की होगी सजावट
गीता प्रेस के ट्रस्टी देवी दयाल अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए तैयारियां तेज हो गई है। बताया कि गीता प्रेस को सजाने-संवारने का काम शुरू होगा। में स्थित लीला चित्र मंदिर को फूलों से सजाया जाएगा। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में आने वाले देशभर के अतिथियों के ठहरने की भी व्यवस्था की जाएगी।