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गोरखपुर विश्वविद्यालय: डेटा को डिजिटलाइज करने में मदद करेगा साफ्टवेयर, पढ़ें पूरी जानकारी

Thu, 29 Jul 2021 12:02 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

गोविवि में बैठक कर जांची गई नैक मूल्यांकन व एनआईआरएफ रैकिंग की तैयारी।
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DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में नैक मूल्यांकन और एनआईआरएफ रैंकिंग की तैयारियां को लेकर बुधवार को नैक कोआर्डिनेटर्स और विभागाध्यक्षों की बैठक प्रशासनिक भवन के कमेटी हाल में हुई।
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बैठक में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के डाटा को डिजिटलाइज करने के लिए आईक्यूएसी द्वारा तैयार किए गए ‘डीडीयू आईक्यूएसी सॉफटवेयर’ के बारे में जानकारी प्रदान की गई। 

सॉफ्टवेयर की मदद से डिपार्टमेंट, डाटा ट्रैकिंग, नैक सब्मिशन एंड कैलकुलेशन और एल्यूमिनी इंर्फोमेंशन गेदरिंग के डाटा को भरा जा सकेगा। लॉगिन आईडी जल्द ही सभी विभागाध्यक्षों को भेज दी जाएगी। सॉफ्टवेयर की मदद से किस विभाग से कितना डाटा मिला है, कितना बाकी है उसका डाटा सीधे आईक्यूएसी सेल को मिल सकेगा। 
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आईक्यूएसी के कोआर्डिनेटर प्रो. अजय सिंह ने कहा कि नैक मूल्यांकन में ए ग्रेड और एनआईआरएफ की टॉप 50 रैकिंग में आने का लक्ष्य विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से निर्धारित किया गया है। बैठक में विभागाध्यक्षों ने डाटा ऑनलाइन फीड करने वाले प्रतिनिधि शिक्षकों को ट्रेनिंग देने की मांग की। जिस पर उन्हें आईक्यूएसी सेल में आवेदन कर समय लेने का अनुरोध किया गया। 

इस दौरान विभागाध्यक्षों ने कितने जीबी तक डाटा अपलोड होने, उसका फार्मेट सहित पुराने डाटा से जुड़े सवाल पूछे जिसका नैक के सलाहकार ने जवाब दिया। बैठक में नैक कोऑर्डिनेटर प्रो. संदीप दीक्षित, प्रो. गौर हरी बेहरा, प्रो सुनीता मुर्मू, प्रो. शिखा सिंह, प्रो. उदय सिंह आदि मौजूद रहे।
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