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गोरखपुर महिला अस्पताल: सात घंटे भर्ती करने के बाद गर्भवती को कर दिया रेफर, ऑपरेशन से पहले बोले- बेहोशी के डॉक्टर नहीं आए

Fri, 04 Jun 2021 08:57 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

महिला अस्पताल में गर्भवती को दिनभर भर्ती रखने के बाद कर लिया गया किनारा।
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गोरखपुर महिला अस्पताल। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर महिला अस्पताल में गर्भवती को करीब सात घंटे भर्ती किया गया। ऑपरेशन के समय यह कहकर रेफर कर दिया गया कि बेहोशी के डॉक्टर नहीं हैं। बेहोशी के डॉक्टर लेकर आइए तब ऑपरेशन हो पाएगा। मजबूरन परिजन गर्भवती को लेकर तारामंडल स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले गए। जहां देर रात ऑपरेशन कर महिला ने बच्चे को जन्म दिया है। मामला बुधवार की देर रात का बताया जा रहा है। पीड़ित ने मामले की शिकायत करने की बात कही है।
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जानकारी के मुताबिक, गीडा थाना अंतर्गत अंतौरा गांव के रहने वाले आनंद सिंह की पत्नी विभा सिंह (30) को बुधवार दिन में कुछ परेशानी हुई। परिजन दिन में तीन बजे के आसपास प्रसव के लिए महिला अस्पताल पहुंचे। जहां पर भर्ती कर रात में ऑपरेशन की बात कही गई। 

आनंद सिंह के भाई आकाश सिंह ने आरोप लगाया कि देर रात जब दर्द बढ़ गया तो ऑपरेशन के लिए मौजूद डॉक्टरों से सिफारिश की गई। लेकिन उन्होंने ऑपरेशन करने से मना कर दिया। ऑपरेशन न करने का कारण पूछा गया तो कहा गया कि बेहोशी के डॉक्टर नहीं है। 
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अगर बेहोशी के डॉक्टर लाएंगे तभी ऑपरेशन हो पाएगा। इस बीच रेफर करने से पहले ऐसी स्थिति में रेफर के कागजात पर हस्ताक्षर भी करा लिए गए। मरीज की स्थिति को देखते हुए मजबूरन हस्ताक्षर भी करना पड़ा। देर रात करीब 10 बजे के आसपास मरीज को लेकर तारामंडल स्थित एक नर्सिंग होम भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक अगर समय से नहीं पहुंचता तो कोई भी अनहोनी हो सकती।
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ऑपरेशन भी नहीं किया, उल्टे बुला लिया पुलिस

आकाश सिंह का आरोप है कि एक तो मरीज का ऑपरेशन भी नहीं किया गया। कारण पूछने पर और वीडियो बनाने पर धमकी दी गई। रेफर के कागजात पर जब बेहोशी के डॉक्टर के न होने की बात लिखने को कहा गया तो मौजूद डॉक्टर बिगड़ गई और पुलिस बुला ली। कुछ देर बाद पुलिस पहुंची तो मारने की धमकी भी देने लगी।

महिला अस्पताल एसआईसी डॉ माला सिन्हा ने बताया कि बेहोशी के डॉक्टर से बात की गई तो उन्होंने रात में आने से मना कर दिया। बोले की 24 घंटे ड्यूटी नहीं कर पाऊंगा। एक बेहोशी के डॉक्टर कोविड पॉजिटिव हैं। एक की ड्यूटी कोविड में लगी है। इसलिए मैंने रेफर करने को बोल दिया था। क्योंकि महिला के हड्डी में बच्चा फंस गया था। ऑपरेशन की जरूरत थी।
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