इस बीच राजमती जमीन पर तड़पती रहीं, लेकिन डॉक्टरों की संवेदना नहीं जगी। कोई डॉक्टर इलाज के लिए नहीं आया। इस बीच गर्भवती को रक्तस्राव हो रहा था और वह दर्द से कराह रहीं थीं। राम सिंह ने बताया कि एक घंटे से अधिक इंतजार के बाद जब हालत ज्यादा बिगड़ने लगी तो ऑटो में बैठा कर निजी अस्पताल में ले गए। जहां पर राजमति का प्रसव हुआ। इस मामले में लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया है।
जंगल कौड़िया सीएचसी प्रभारी डॉ. मनीष चौरसिया ने कहा कि महिला दो दिन पहले इलाज के लिए आई थी। उसको रक्तस्राव हो रहा था। डॉक्टरों ने देखकर दवा दी थी। बृहस्पतिवार सुबह जब मरीज को लेकर परिजन आए तो महिला डॉक्टर नहीं आई थीं। कुछ देर बाद जब डॉक्टर आईं तो मरीज के पति इलाज के लिए निजी अस्पताल लेकर चले गए। इस बीच आशा एंबुलेंस बुलाने के लिए गई थी। लेकिन, उन्होंने सरकारी अस्पताल में इलाज कराने से इन्कार कर दिया। मामले की जांच कराई जाएगी।
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है। यह बेहद गंभीर है। मामले की जांच कर स्वास्थ्यकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।