फिशिंग लिंक को अलग-अलग सोशल साइट (ट्वीटर, फेसबुक, इंट्राग्राम, गेम पोर्टल) पर भेजकर लोगों को फंसाया जाता था। उस फिशिंग लिंक पर जो कोई भी क्लिक कर अपना सोशल मीडिया अकाउंट की आईडी और पासवर्ड डालता था, वह जालसाजों को मिल जाता था। पासवर्ड व आईडी मिलते ही अविजीत उस आईडी का यूजर आईडी, पासवर्ड, लिंक मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी बदल देता था। उसकी पहचान बदलकर अपनी ईमेल आईडी लिंक कर देता था। सभी जानकारी बदलने के बाद असली यूजर को बदनाम करने की धमकी दी जाती थी। रुपये लेकर यूजर को उसकी आईडी वापस की जाती थी।
इंडोनेशिया के प्रिंस से लेते थे फिशिंग लिंक
दोनों खुद फिशिंग लिंक बेचने के साथ ही खरीदते भी थे। दोनों इंडोनेशिया के प्रिंस नामक युवक से 380 रुपये में फिशिंग लिंक लेते थे। ये लोग एक दिन में 15 से 20 लोगों के साथ इस गेम के माध्यम से ठगी करते थे। एसपी ने बताया कि इन लोगों के द्वारा गेम को एक्सेस करने के बाद अकाउंट होल्डर का सारी व्यक्तिगत जानकारी इनके पास पहुंच जाती थी। एक व्यक्ति से ये 60 से 70 हजार रुपये तक वसूलते थे। पुलिस के अनुसार भारत के पब जी और बीजीएमआई गेम एप बैन है।
साइबर अपराध से बचने के लिए बरतें ये सावधानियां
- किसी भी अवांछित लिंक पर क्लिक न करें।
- रिवॉर्ड प्वाइंट, रॉयल पास, एयर ड्राप आदि के लिए दिए गए किसी लिंक पर क्लिक न करें।
- सोशल मीडिया साइट्स का पासवर्ड स्ट्रांग रखे व टू फैक्टर ऑथेन्टिंकेशन को हमेशा ऑन रखें।
- रिकवरी ईमेल आईडी व मोबाइल नंबर को अपडेट रखें।
- अपनी पेमेंट क्यूआर कोड व यूपीआई आईडी व एकाउंट का एक्सेस किसी अंजान को सोशल मीडिया पर कभी न दें।
- साइबर अपराध होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि बीजीएमआई, पब जी जैसे गेम भारत में प्रतिबंधित हैं। इन्हें खेलना अपराध की श्रेणी में आता है। प्रतिबंधित गेम के लिंक की मदद से ही जालसाज अपराध कर रहे हैं, ताकि लोग डरकर शिकायत न दर्ज कराएं। सावधानी बरतें और इस तरह के लिंक और गेम से दूरी बनाएं। अगर आपके साथ जालसाजी हुई तो तत्काल सूचना देनी चाहिए।