गोरखपुर। शहर में निर्माण कार्य के दौरान बरती गई लापरवाही का खामियाजा 10 हजार से अधिक परिवारों को भुगतना पड़ा। झुंगिया रोड और इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में खोदाई के दौरान भूमिगत बिजली केबल क्षतिग्रस्त होने से मेडिकल कॉलेज और खोराबार विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े कई इलाकों की बिजली आपूर्ति घंटों बाधित रही।
रविवार शाम करीब सात बजे झुंगिया रोड स्थित एफसीआई गेट के पास पीडब्ल्यूडी की कार्यदायी संस्था की ओर से खोदाई के दौरान मेडिकल कॉलेज उपकेंद्र को जाने वाली 33 केवी की भूमिगत केबल जेसीबी से क्षतिग्रस्त हो गई। इससे मेडिकल कॉलेज उपकेंद्र से जुड़े करीब पांच हजार घरों की बिजली पूरी रात बाधित रही। वहीं, रामप्रीत चौराहा, रामजानकी नगर के पास एल्यूमिनियम फैक्टरी रोड के पास शाम लगभग छह बजे कार्य के दौरान जेसीबी से 11 केवी केबल कटने से करीब तीन हजार से अधिक घरों की बिजली गुल हो गई।
राप्तीनगर के अधिशासी अभियंता अभिषेक कुमार ने बताया कि जेसीबी से केबल कटा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यदायी संस्था ने लापरवाही से खोदाई कराई और केबल कटने की सूचना भी बिजली विभाग को नहीं दी। वहीं रामजानकी नगर में भी शाम छह बजे केबल कट गया, वैकल्पिक माध्यम से बिजली बहाल की गई है।
उधर, खोराबार उपकेंद्र से जुड़े नंदानगर, दिव्यनगर, आदर्शनगर और आवास विकास कॉलोनी में रविवार रात करीब 10 बजे बिजली की आवाजाही और वोल्टेज फ्लक्चुएशन से करीब दो हजार परिवार परेशान रहे। इसी दौरान पवन विहार कॉलोनी के पास 250 केवीए का ट्रांसफॉर्मर खराब होने से करीब 100 घरों की बिजली सोमवार सुबह तक बाधित रही।
सोमवार दोपहर इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में निर्माण कार्य के दौरान दो फीडरों की भूमिगत केबल कट जाने से गिरधरगंज, कुनराघाट, महादेवपुरम, आवास विकास कॉलोनी समेत करीब 10 से अधिक कॉलोनियों के करीब दो हजार घरों की बिजली देर शाम तक प्रभावित रही।
सहायक अभियंता जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि उपभोक्ताओं को वैकल्पिक स्रोत से बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया और क्षतिग्रस्त केबल की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर कराया गया। दिव्यनगर क्षेत्र में खराब 250 केवीए ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत कर आपूर्ति बहाल कर दी गई।