बिजली कार्यलय का निरीक्षण करते अपर आयुक्त।
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में प्रशासनिक अधिकारियों ने बिजली दफ्तरों का औचक निरीक्षण किया तो खुद ही दंग रह गए। मोहद्दीपुर मुख्य कार्यालय से लेकर ग्रामीण खंड के अधिशासी अभियंता कार्यालय तक में ज्यादातर जगह एक्का-दुक्का अधिकारियों को छोड़ चपरासी और बाबू ही नजर आए। जांच के दौरान कुछ जगहों पर चपरासी या बाबू ने की कमरों के ताले तक खोले। निरीक्षण में अनुपस्थित मिले 83 अफसरों-कर्मचारियों को नोटिस दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को हर हाल में सुबह नौ बजे तक उनके कार्यालय पहुंचने का निर्देश दिया है। वहीं बिजली निगम के अधिकारियों की कार्य प्रणाली और लेटलतीफी की शिकायत लंबे समय से मिल रही थी। कमिश्नर ने संज्ञान लेेते हुए मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों की टीम औचक निरीक्षण के लिए भेजी।
सुबह 10 बजे टीम बिजली कार्यालयों पर पहुंची तो कर्मचारियों की उपस्थिति हैरान करने वाली थी। मुख्य अभियंता कार्यालय में काफी कर्मचारी नदारद मिले। निरीक्षण के दौरान ही मुख्य अभियंता देवेंद्र सिंह भी कार्यालय पहुंचे। इसके बाद टीम अधिशासी अभियंता के कार्यालय पहुंची।
यहां अधिशासी अभियंता समेत दफ्तर के क्लर्क गायब मिले। टीम के बताने पर वहां मौजूद चपरासी ने कार्यालय का ताला खोला। इसके बाद वहां की उपस्थिति पंजिका को टीम ने अपने पास रख लिया। वहां से विद्युत वितरण खंड ग्रामीण द्वितीय के कार्यालय पहुंची टीम को वहां अधिशासी अभियंता सोमदत्त मिले। साथ में कार्यकारी सहायक रामअनूप पाल भी मौजूद रहे। इन्हें छोड़कर अलावा सभी कर्मचारी अनुपस्थित मिले। यहां भी टीम ने कार्यालयों से उपस्थिति पंजिका को जब्त कर लिया। टीम के आने की जानकारी होने पर खंड प्रथम व द्वितीय के कर्मचारी दौड़-भाग कर कार्यालय पहुंचे, तबतक टीम वापस लौट चुकी थी।