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पंचायत चुनाव में हिंसा फैला सकते हैं पीएफआई के सदस्य, खुफिया एजेंसियों को है इनकी तलाश!

Thu, 03 Dec 2020 02:24 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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खुफिया रिपोर्ट में पता चला है कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े लोग पंचायत चुनाव में खलल डालने की साजिश रच रहे हैं। खुफिया एजेंसियों को सीरिया से लौटे केरल के 12 नागरिकों पर संदेह है। ये लोग वापसी के बाद अपने घर पर अब तक नहीं पहुंचे हैं।
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सूचना है कि ये नेपाल बॉर्डर से प्रदेश में प्रवेश कर पंचायत चुनाव में हिंसा फैला सकते हैं। ऐसे में डीजीपी कार्यालय से खुफिया एजेंसियों के अलावा एटीएस को विशेष सतर्कता बरतने का आदेश जारी किया गया है। डीजीपी के आदेश के अनुपालन में एडीजी जोन दावा शेरपा ने भी सभी एसपी को पत्र भेजकर सतर्कता बढ़ाने और खुफिया एजेंसियों को सक्रिय करने को कहा है।
 
गोपनीय रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में पीएफआई से जुड़े केरल के 12 नागरिक सीरिया से लौटे हैं। ये अपने घर पर मौजूद नहीं हैं। आशंका है कि सभी 12 लोग पूर्वांचल के जिलों में प्रवेश कर गए हैं या कोशिश में हैं। इनका मकसद पंचायत चुनाव में हिंसा फैलाकर सरकार की छवि को खराब करना है।
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खबर यह भी है कि कुछ अन्य संगठन उनके मददगार बने हुए हैं, लेकिन खुफिया एजेंसियां इसकी पुष्टि नहीं कर रही हैं। ऐसे में पुलिस नेपाल सीमा पर सतर्क हो गई है तो खुफिया एजेंसियों ने अपने तरीके से सक्रियता बढ़ा दी है। गोपनीय पत्र पर अफसर बोलने से बच रहे हैं, लेकिन इसकी पुष्टि भी कर रहे हैं कि नेपाल सीमा पर सतर्कता बढ़ाई गई है।
 
... तो क्या पूर्वांचल के जिलों में प्रवेश कर चुके हैं पीएफआई के सदस्य?
एक ओर जहां खुफिया रिपोर्ट में पीएफआई से जुड़े केरल के 12 लोगों के नेपाल के रास्ते सूबे में प्रवेश की कोशिश की आशंका जताई गई है तो वहीं दूसरी ओर यह भी कहा गया है कि शायद कुछ लोग घुसपैठ कर चुके हैं। हालांकि इसे लेकर संशय है, यही वजह है कि इसकी गहराई से जांच शुरू कर दी गई है। इस बीच नेपाल सीमा पर निगरानी और सख्त कर दी गई है।
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