फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर: मेडिकल कॉलेज के बाहर सपा नेताओं पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज, वजह जान लें

Tue, 08 Sep 2020 10:06 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
विज्ञापन
पुलिस ने सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाल रोग संस्थान में बने 300 बेड के कोविड अस्पताल का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह उद्घाटन किया। शाम को सपा नेता उसे अपनी उपलब्धि बताते हुए मिठाई बांटने पहुंच गए।

विज्ञापन


कोरोना मरीजों की सुविधा का हवाला देते हुए पुलिस ने सपाइयों को कॉलेज के मुख्य द्वार पर रोका तो धक्का-मुक्की हो गई। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।

इसके बाद मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार से भीड़ छंट सकी। लाठीचार्ज में कई सपाइयों को चोटें आई हैं। पुलिस ने मामले में गुलरिहा और चिलुआताल थाने में महामारी फैलाने, शांति भंग करने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।
विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक, बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मिठाई बांटने का फैसला लेने के बाद सपा के जिला अध्यक्ष राम नगीना साहनी की अगुवाई में सपा नेता और कार्यकर्ता जुटने लगे। कुछ कार्यकर्ताओं को कौवाबाग पुलिस चौकी के पास रोक लिया गया था, लेकिन गुलरिहा और चिलुआताल होते हुए कई नेता मेडिकल कॉलेज गेट पर पहुंच गए।

पुलिसकर्मियों की वर्दी फटी

सपा नेताओं को जुटता देख पुलिस ने मुख्य द्वार बंद करा दिया। पुलिस का तर्क था कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेड जोन घोषित है। 200 कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा है, लिहाजा परिसर में घुसने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इससे संक्रमण फैलने का खतरा है, लेकिन सपा नेता अंदर जाना चाहते थे। इसी बात पर विवाद बढ़ गया।

इसी बीच गुलरिहा के अलावा चिलुआताल और पिपराइच पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। एसपी नार्थ अरविंद पांडेय ने सपा नेताओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन नेता अंदर जाने की जिद पर अड़े रहे। बाद में धक्का-मुक्की हो गई।

इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया और सपा नेताओं को दौड़ा दौड़ाकर पीटा। इससे अफरा-तफरी मच गई। सपा नेता इधर-उधर भागने लगे। लाठीचार्ज में कई सपा नेताओं को चोटें आई हैं। इस मामले में पुलिस की तहरीर पर चिलुआताल और गुलरिहा थाने में अलग-अलग केस दर्ज किया गया है।
 
सपा नेताओं के साथ धक्का-मुक्की में कई पुलिसकर्मियों की वर्दी फट गई। एक पुलिसकर्मी का बिल्ला नोच लिया गया। इसके बाद विवाद ज्यादा बढ़ गया।

मरीजों को झेलनी पड़ी परेशानी

मुख्य गेट पर सपा नेताओं के जुटने और फिर लाठीचार्ज होने की वजह से आम लोगों, मरीज और तीमारदारों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतार लग गई थी। इससे मरीज और उनके तीमारदारों का मेडिकल कॉलेज परिसर में जाना संभव नहीं हो पा रहा था।

एसपी नार्थ अरविंद पांडेय ने बताया कि सपा नेता कोरोना वार्ड में घुसकर मिठाई बांटना चाहते थे, जो कोरोना के नियमों का उल्लंघन है। नेताओं को रोकने और समझाने की कोशिश की गई तो पुलिस से धक्का-मुक्की करने लगे। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया। चिलुआताल और गुलरिहा थाने में केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

सपा के काम का फीता काटा: रामनगीना
कोविड वार्ड के निर्माण और लोकार्पण को सपा ने अपनी उपलब्धि बताई है। सपा जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी का कहना है कि जो काम सपा सरकार ने कराया था, उसका फीता काटा जा रहा है। सपा नेता सोमवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए मेडिकल कॉलेज गेट पर जनता के बीच मिठाई बांटने गए थे। इसी बीच सरकार के इशारे पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।

लाठीचार्ज में पार्टी के कई नेताओं को गंभीर चोटें आई हैं। जियाउल इस्लाम, प्रहलाद यादव, रजनीश यादव, विजय बहादुर यादव, अमरेंद्र निषाद, राघवेंद्र तिवारी राजू, मनोज यादव, अशोक यादव और राहुल यादव ने लाठीचार्ज की निंदा की है।
विज्ञापन

क्षेत्रीय उपाध्यक्ष भाजपा डॉ. सत्येंद्र सिन्हा ने बताया कि सपा ने अपने खर्च से बाल रोग संस्थान बनवाया था तो उसका साक्ष्य दें। यह काम सरकारों का होता है। सपा सरकार ने इतना अच्छा काम किया होता तो 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा से समझौता न करना पड़ता।

दो पार्टियों के मेलजोल को भी जनता ने नकार दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कठिन परिश्रम कर रहे हैं। हर जिले में जाकर कोरोना महामारी की रोकथाम में लगे हैं। कोरोना संकट में जनता की सेवा करने के बजाय सपा राजनीति कर रही है।

इसका खामियाजा जरूर भुगतना पड़ेगा। मुख्यमंत्री के कामकाज से जनता संतुष्ट है। 2022 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा प्रचंड बहुत से जीतेगी। ओछी राजनीति से जनता का मन नहीं जीता जा सकता है। भाजपा का मूल मकसद जनसेवा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें