केस को पहले कोर्ट के आदेश पर चौरीचौरा थाने में दर्ज किया गया था। बाद में एएसपी मानुष पारिक ने इस पूरे प्रकरण की जांच गुलरिहा पुलिस को सुपुर्द कर दिया। गुलरिहा थाने के एसएसआई शेष कुमार शर्मा ने विवेचना की। एसएसपी खुद इस केस की मानीटरिंग कर रहे थे।
इसे भी पढ़ें: फर्जी पैरामेडिकल कॉलेज खोलकर 14 जिलों में की 20 करोड़ की ठगी, संचालक गिरफ्तार
शातिर है पंकज, फ्रेंचाइजी लेकर भी कई फंसे
पुलिस की जांच में पता चला है कि पंकज बेहद शातिर है और वह लोगों को बातों में उलझाना जानता है। फ्रेंचाइजी लेने वालों से भी उसने ठगी की है। कई लोगों ने बिना जानकारी के ही फ्रेंचाइजी ले ली। फ्रेंचाइजी देने के दौरान तीन से चार लाख रुपये लेता था और फिर छात्र के दाखिला के समय ली जाने वाली फीस का 30 प्रतिशत भी ले लेता था। इसके अलावा विभिन्न मदों में आने वाले रुपयों में भी इसका शेयर था। परीक्षा भी खुद कराता था और मार्कशीट भी खुद ही जारी करता था।