सॉफ्टवेयर की मदद से सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल कर बदमाशों की पहचान पुलिस करेगी। इसके लिए कानपुर आईआईटी के कंप्यूटर साइंस विभाग ने एक सॉफ्टवेयर बनाया है। गोरखपुर में ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगाए गए कैमरों को सॉफ्टवेयर से जोड़ा जाएगा।
कंप्यूटर में फीड बदमाशों का चेहरा कैमरे के सामने आते ही पुलिस को अलर्ट मैसेज आ जाएगा। इसे लेकर मंगलवार को एडीजी जोन अखिल कुमार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कानपुर के एक्सपर्ट से बातचीत की है। जल्द ही टीम गोरखपुर आकर पुलिस को तकनीकी जानकारियां भी देगी।
जानकारी के मुताबिक, एडीजी अखिल कुमार ने ऑपरेशन त्रिनेत्र की शुरुआत की थी। आम लोगों की मदद से शहर से लेकर देहात तक 386 से अधिक जगहों पर कैमरे लगाए जा चुके हैं। एडीजी ने इसकी मैपिंग भी तैयार की है और अब खाली जगहों पर जनप्रतिनिधियों की मदद से कैमरे लगाए जा रहे हैं।
पुलिस आम लोगों से हर घर कैमरा अभियान के तहत भी मदद ले रही है। इसी बीच मुख्यमंत्री ने भी इसकी सराहना की, जिसके बाद कानपुर आईआईटी ने एडीजी की पहल को और आगे बढ़ा दिया है।
एडीजी अखिल कुमार ने कहा कि कानपुर की टीम ने एक सॉफ्टवेयर बनाया है, जिसकी मदद से बदमाश का हुलिया और उसके व्यवहार का पता लगा लिया जाएगा। बदमाशों को चिह्नित करना, उसकी पहचान करना काफी आसान हो जाएगा। गोरखपुर आकर टीम अध्ययन करेगी कि ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगे कैमरों के माध्यम से इस एप्लीकेशन के बेहतर इस्तेमाल की दिशा में और क्या कुछ किया जा सकता है।