गोरखपुर शहर में सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछने के बाद अब इसका इस्तेमाल वारदात होने से लेकर बदमाश पकड़ने तक में करने के लिए त्रिनेत्र सेल का गठन कर दिया गया है। सेल में एक इंस्पेक्टर, एक दरोगा व सिपाहियों की तैनाती भी कर दी गई है। यह नियमित रूप से नजर रखेंगे और वारदात होते ही तत्काल कैमरों की मदद से बदमाशों की धरपकड़ में लग जाएंगे।
शहर में आईटीएमएस के अलावा एडीजी अखिल कुमार के ऑपरेशन त्रिनेत्र की मदद से 176 जगहों पर कैमरे लग गए हैं। इन सभी कैमरों को जोड़कर कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसकी मदद से अभी तक सिर्फ शहर के यातायात को संचालित किया जाता था, लेकिन अब अपराध को रोकने और अपराध होने पर जल्द बदमाशों को दबोचने में भी इसका इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने त्रिनेत्र सेल गठित कर उसमें पुलिसकर्मियों की तैनाती भी कर दी है। इन्हें विशेष ट्रेनिंग भी जल्द ही दे दी जाएगी। फिलहाल, सेल ने काम करना शुरू कर दिया है।
ऐसे करेंगे काम
- वारदात रोकने के लिए संदिग्धों पर कैमरों की मदद से नजर रखेंगे
- वारदात होने पर बदमाशों के भागने के स्थान पर कैमरे से नजर रखेंगे
- सुराग मिलते ही फील्ड में सक्रिय पुलिस टीम को इसकी जानकारी देंगे
- वाहन के नंबर के आधार पर नाम, पता भी हासिल करेंगे
- बदमाश के पकड़े जाने पर फुटेज को वैज्ञानिक साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत करेंगे