गोरखपुर। परिवार और समाज में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने नई पहल शुरू की है। एडीजी के निर्देश पर गोरखपुर जोन के सभी जिलों में 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों का नियमित हालचाल लेने के लिए विशेष अभियान चलेगा। इसके तहत वरिष्ठ नागरिकों का रिकॉर्ड तैयार कर उनकी समस्याओं व सुरक्षा संबंधी जरूरतों पर नजर रखी जाएगी।
अभियान का मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों को घरेलू कलह, उपेक्षा और उत्पीड़न जैसी समस्याओं से बचाना है। इसके लिए सभी थानों में गठित कम्युनिटी पुलिस यूनिट को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अभियान में बीट पुलिस अधिकारियों का भी सहयोग लिया जाएगा। पुलिसकर्मी अपने-अपने क्षेत्रों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की सूची तैयार करेंगे और समय-समय पर उनसे संपर्क कर उनका कुशलक्षेम जानेंगे। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस उनके घर पहुंचकर भी हालात का आकलन करेगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में बुजुर्ग पारिवारिक प्रताड़ना, संपत्ति विवाद और उपेक्षा का सामना करते हैं लेकिन सामाजिक संकोच के कारण शिकायत दर्ज नहीं करा पाते। ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें आवश्यक सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। जांच के दौरान यदि यह सामने आता है कि परिवार का कोई सदस्य बुजुर्ग को परेशान कर रहा है या उनके साथ दुर्व्यवहार कर रहा है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
अभियान के तहत अकेले रहने वाले बुजुर्गों, गंभीर बीमारी से जूझ रहे वरिष्ठ नागरिकों व ऐसे लोगों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। पुलिस का मानना है कि नियमित संवाद और निगरानी से बुजुर्गों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी और उनके साथ होने वाली घटनाओं को समय रहते रोका जा सकेगा।
एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि यह पहल सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।