गोरखपुर में पति से झगड़े के बाद मानसिक तनाव में आई 24 वर्षीय युवती ने रविवार रात आत्महत्या करने का वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दिया। मेटा कंपनी की ओर से पुलिस मुख्यालय लखनऊ को इसकी सूचना मिली तो गोरखपुर पुलिस को अलर्ट किया गया। खोराबार पुलिस ने महज छह मिनट के भीतर महिला के घर पहुंचकर उसकी जान बचा ली। पुलिसकर्मियों ने महिला के गले से फंदा निकाला और परिजनों की मदद से उसे नीचे उतारकर प्राथमिक उपचार दिया। बाद में युवती की काउंसिलिंग भी की गई।
पुलिस के अनुसार, 11 अक्तूबर की रात महिला ने छत के पंखे में दुपट्टे का फंदा बनाकर गले में डालते हुए वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था। वीडियो के साथ उसने लिखा था कि ''मां-पापा मुझे माफ कर देना, शायद मेरी पसंद गलत थी।'' रात 10:16 बजे मेटा कंपनी की ओर से पुलिस महानिदेशक मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर को ई-मेल के माध्यम से अलर्ट मिला। डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देश पर मुख्यालय ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। सोशल मीडिया सेंटर ने उपलब्ध मोबाइल नंबर के आधार पर महिला की लोकेशन पता कर गोरखपुर पुलिस को जानकारी दी। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि, सूचना मिलने के बाद खोराबार थाना प्रभारी सुधांशु सिंह, एसआई शुभम शर्मा, कांस्टेबल मुकेश और महिला कांस्टेबल प्रतिमा सिंह छह मिनट के भीतर महिला के घर पहुंच गए।
पति से विवाद के बाद मानसिक तनाव में आ गई थी महिला
पुलिस ने परिजनों को इंस्टाग्राम पोस्ट के बारे में बताया और उन्हें साथ लेकर कमरे में पहुंची। कमरे का दरवाजा आधा खुला था। अंदर महिला गले में फंदा कसने की स्थिति में थी और हाथ-पैर हिला रही थी। पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए उसके गले से फंदा निकाला और परिजनों की सहायता से नीचे उतारकर प्राथमिक उपचार किया। सामान्य स्थिति में आने पर महिला ने बताया कि पति से विवाद के बाद वह मानसिक तनाव में आ गई थी। इसी कारण उसके मन में आत्मघाती विचार आए। पुलिस की काउंसिलिंग के बाद उसने भविष्य में ऐसा कदम नहीं उठाने का आश्वासन दिया। परिजनों ने पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता के लिए आभार जताया।
अलर्ट से अब तक 4011 लोगों की बचाई जान
उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा के बीच वर्ष 2022 से व्यवस्था लागू है। इसके तहत फेसबुक या इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित पोस्ट सामने आने पर कंपनी ई-मेल और फोन के माध्यम से पुलिस को अलर्ट भेजती है। पुलिस के मुताबिक, एक जनवरी 2023 से 30 सितंबर 2026 के बीच ऐसे अलर्ट पर कार्रवाई कर 4011 लोगों की जान बचाई जा चुकी है। इस पहल के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस को एसकेओच अवार्ड-2025 और द इकोनॉमिक टाइम्स गवटेक अवार्ड्स-2026 से भी सम्मानित किया जा चुका है।