उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके जानने वाले राजीव वर्मा जो गोरखनाथ में कमरा लेकर रहते हैं, बुलाए थे और फिर सोना गायब कर दिए। एसपी ने बताया कि सूचना पर केस दर्ज कर पुलिस ने जांच की तो पता चला कि राजीव खजनी का मूल निवासी है और गोरखनाथ में किराए के कमरे में रहता था। खजनी से पता चला कि वह दिल्ली रहता है।
जांच में सामने आया कि राजीव वर्मा वर्षों पहले दिल्ली चला गया था। वहां सर्राफा मंडी में काम करने लगा था। अच्छी कमाई के बाद मकान खरीद लिया था। गोल्ड ट्रेडिंग में एक करोड़ रुपये हारने के बाद वह दिल्ली का मकान बेचकर पंजाब चला गया। उसकी बेटी बारहवीं पास है।
वहां पर एक जालसाज से उसकी मुलाकात हुई और बोला कि अगर सोना दिला दो तो उसे अच्छे दाम पर बेच दिया जाएगा। इसके बाद राजीव वर्मा गोरखनाथ में आया और पुराने परिचित लल्लन को सोना लेकर बुलाया। गोरखपुर आने के बाद राजीव ने बड़ी चालाकी से लल्लन को गोरखनाथ मंदिर घूमने भेज दिया और सोना गायब कर दिया था।
एसपी ने बताया कि केस दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी थी। तीन मार्च को लोकेशन दिल्ली में मिलने पर वहां की पुलिस को सूचना दी गई थी जिससे आरोपी को पकड़ा गया था। दिल्ली से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर गोरखपुर पुलिस ने गोरखनाथ में उसके किराए के कमरे से सोने की बरामदगी की है।
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गोल्ड ट्रेडिंग में 1.20 करोड़ हारने के बाद जालसाज बना राजीव
एसपी सिटी ने बताया कि 2018 में गोल्ड ट्रेडिंग में एक करोड़ रुपये राजीव वर्मा हार गया। उसने दिल्ली के एक मकान को दो लोगों को बेचकर जालसाजी की शुरुआत की। इसके बाद पंजाब से गोरखपुर आया और फिर पुराने परिचय का फायदा उठाकर सोने की जालसाजी कर दी। एसपी ने बताया कि बरामदगी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश कुमार सिंह, उप निरीक्षक गोपाल यादव, सिपाही दीपक, अशोक कुमार, सूर्यदीप कुशवाहा शामिल थे।