बांसगांव इलाके के बहोरवा में सात साल के लक्ष्य की हत्या किसने और क्यों की, इस गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित की गई थीं। बच्चे के पिता ने किसी दुश्मनी से इन्कार किया था और आज भी वह कुछ नहीं बता पाते हैं। पुलिस ने अलग-अलग बिंदुओं पर जांच की। बच्चे के हाथों को लाल कपड़े से बांधा होने की वजह से तांत्रिक पर संदेह हुआ था। क्योंकि, कुछ इसी तरह की वारदात अगस्त-2021 में पिपराइच इलाके में भी हुई थी।
यही वजह है कि पुलिस ने तंत्र-मंत्र में हत्या के बिंदु पर भी जांच की। पुलिस को पूरा यकीन है कि हत्या में कोई आसपास का ही शामिल है। लिहाजा, सगे-संबंधी भी जांच के दायरे में थे। तब चार तांत्रिक समेत आठ लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ की थी, लेकिन कुछ हासिल नहीं कर पाई।
संभ्रांत के घिरने पर हुई राजनीति तो क्राइम ब्रांच को दी गई जांच
बांसगांव पुलिस ने इलाके के एक संभ्रांत को भी जांच के दायरे में ले लिया। तब जांच कर चुके विवेचक ने नाम न छापने की शर्त पर यह भी बताया कि, पुलिस बिल्कुल सही दिशा में थी, लेकिन राजनीति होने की वजह से पुलिस को अपने कदम पीछे खींचने पड़े थे। उधर, तब तक जिले में नए एसएसपी भी आ गए थे और फिर बांसगांव पुलिस से विवेचना क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कर दी गई। पिछले पांच महीने से अधिक समय से क्राइम ब्रांच जांच कर रही है। लेकिन, अभी तक हत्या की गुत्थी नहीं सुलझा पाई है।
सात साल के मासूम की हत्या के बाद जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिससे ये संकेत मिल रहे हैं कि कातिल घर और घटनास्थल से पूरी तरह से परिचित है। एसपी क्राइम बताती हैं, जिस वक्त बच्चा गायब हुआ, उस वक्त घर के दरवाजे पर खेल रहा था। बीच गांव से सात साल के बच्चे का जबरन अपहरण होता तो वह शोर जरूर मचाता और गांव के बीच से उसे लेकर जा पाना आसान नहीं होता।
इससे यह स्पष्ट है कि बच्चे का अपहरण करने वाला कोई परिचित ही था जिसके साथ बच्चा आसानी से चला गया। दूसरे, जिस झाड़ी में बच्चे का शव मिला था उसकी पुलिस ने पहले भी छानबीन की थी, लेकिन कुछ नहीं मिला था। घरवाले झाड़ी की ओर खोजते गए तो शव मिला। इससे यही लग रहा है कि हत्या करने के बाद शव को लाकर फेंका गया है। इससे एक बात साफ है कि उस जगह से भी कातिल परिचित था। जिससे ऐसे समय का चयन किया गया कि शव फेंकते समय उसे कोई देख न सके।
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इन घटनाओं का भी नहीं हो सका पर्दाफाश
- 29 जून 2022 को सिकरीगंज के बुधनपार मार्ग के किनारे बच्चे का कटा सिर मिला था। साफ था कि उसकी हत्या की गई थी। बच्चे की शिनाख्त पुलिस आज तक नहीं कर सकी है। जब पहचान ही नहीं हो सकी तो घटना का पर्दाफाश की बात दूर है।
- 11 मई 2022 को चिलुआताल के महुआतर ईंट भट्ठे पर काम करने वाली रूमा नाम की महिला के डेढ़ महीने के बच्चे का अपहरण हो गया। एक युवक और युवती बाइक से आए और बच्चे को लेकर फरार हो गए। इस घटना में भी पुलिस को कुछ हासिल नहीं हो सका।
एसपी क्राइम इंदु प्रभा सिंह ने कहा कि पुलिस जांच कर रही है। कोर्ट से आदेश लेकर कुछ साक्ष्यों को वैज्ञानिक जांच के लिए भेजा जाना है। इसकी प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही पूरी प्रक्रिया पूरी कर पुलिस साक्ष्यों के आधार पर घटना का पर्दाफाश कर लेगी।
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एडीजी जोन अखिल कुमार ने कहा कि बांसगांव में बच्चे की हत्या सहित अन्य जिन भी मामलों का पर्दाफाश नहीं हो सका है। उनके संबंध में जानकारी मांगी गई है। विवेचना की समीक्षा कर मामलों के पर्दाफाश पर जोर दिया जाएगा। इसकी नियमित मॉनीटरिंग भी की जाएगी।