पुलिस के अनुसार उसके परिजनों की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है। उसके पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वे किसी तरह अनुमति लेकर वेस्ट बंगाल से गोरखपुर किसी वाहन से आ सकें। लिहाजा घरवालों ने पुलिस को दाह संस्कार की अनुमति दे दी।
इससे पहले भी कैंट पुलिस एक मजदूर के शव को दफनवा चुकी है। जानकारी के अनुसार लुधियाना से पैदल आ रहे मजदूर बिहार के अररिया के मबसेटी निवासी जुबरैल को गोरखपुर पहुंचने पर मोहद्दीपुर पुलिस ने 19 अप्रैल को रोक कर क्वारंटीन करा दिया था।
बाद में उसकी तबीयत बिगड़ गई। पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया और बाद में उसकी मौत हो गई। परिजनों के असमर्थता जताने पर कैंट पुलिस ने खुद दफनवा दिया।