कहते हैं कि जब कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो ईश्वर खुद किसी न किसी रूप में मदद से लिए आ ही जाते हैं। कुछ ऐसा ही कक्षा आठ में पढ़ने वाले छात्र कृष्णा के साथ हुआ।
पुरानी साइकिल गायब हो गई तो लगा कि अब वह स्कूल नहीं जा पाएगा। क्योंकि घर में आर्थिक तंगी और मां के अलावा कोई सहारा न होने कारण उसकी उम्मीदें दम तोड़ रही थीं। वह सोचने लगा कि अब स्कूल और ट्यूशन पढ़ने नहीं जा पाएगा। क्योंकि मां जो मजूदरी करके लाती थी, वह घर खर्च और ट्यूशन में खत्म हो जाता है।
अब सवाल यह था कि वह साइकिल कैसे खरीदे। इसी बीच सीओ डुमरियागंज उमेश कुमार शर्मा और एसओ त्रिलोकपुर रणधीर कुमार मिश्र खखरांव गांव किसी मामले में गए थे। किसी के जरिए इस बात की जानकारी लगी तो वह कृष्णा के घर पहुंच गए।