गोरखपुर। मुंबई की रहने वाली प्रिया शेट्टी की हत्या के मामले ने पीपीगंज पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर दी है। शुरुआती जांच में कोई गवाह नहीं मिला लेकिन पुलिस प्रिया को न्याय दिलाने के लिए परिस्थितिजन्य सबूत, फोटो-वीडियो और डिजिटल साक्ष्य जुटा रही है। इन साक्ष्यों की मदद से हत्यारोपियों को सजा दिलाएगी।
सूत्रों के अनुसार, प्रिया शेट्टी का विवाह वर्ष-2012 में मुंबई में विजय साहनी के साथ हुआ था, लेकिन जांच में वहां से कोई मैरिज सर्टिफिकेट, पति के साथ फोटो, सोशल मीडिया रील या यात्रा का टिकट नहीं मिला। इसी कारण पुलिस ने प्रिया और आरोपी विजय के संबंध साबित करने के लिए अन्य महत्वपूर्ण सबूत जुटाए। विवेचना में प्रिया के बच्चे का सर्टिफिकेट और डिलीवरी के समय पिता का नाम व हस्ताक्षर शामिल हैं, जिससे आरोपी विजय बायोलॉजिकल पिता साबित होते हैं।
पुलिस को प्रिया और उसकी सौतेली बहन किरन के मोबाइल से कई वीडियो और फोटो मिले हैं। मुंबई के कांदिवली की पुलिस ने भी आरोपी विजय को प्रिया का पति बताया है। जानकारी के अनुसार, प्रिया के प्रसव के बाद वर्ष-2014 में दोनों में विवाद बढ़ गया था। इस दौरान विजय के पिता ने संध्या से उसकी शादी तय कर दी थी। प्रिया लगातार घर ले जाने का दबाव डाल रही थी लेकिन विजय ने दूरी बना ली और कोर्ट में तलाक का केस फाइल कर दिया।
समन प्रिया ने रिसीव नहीं किया था। तीन साल बाद परिजनों ने विजय की शादी संध्या से शादी करा दी, जिसे कांदिवली पुलिस ने प्रमाणित किया। इसके अलावा, गोरखपुर स्टेशन से पीपीगंज तक की यात्रा के दौरान, पुलिस ने ऑटो चालक के बयान और सीसीटीवी फुटेज को शामिल किया। शराब खरीदारी के समय मॉडल शॉप के सीसीटीवी कैमरे के वीडियो फुटेज और बयानों को भी साक्ष्य में रखा गया है।
विजय के घर से बरामद हुआ था प्रिया का पहचान पत्र
गोरखनाथ के होटल में ठहरने का वीडियो फुटेज, आईडी कार्ड, विजय के घर से बरामद कपड़े, आधार और पैन कार्ड भी जांच में शामिल हैं। वारदात के समय आरोपी नशे में थे और पीपीगंज से स्कूटी से सहजनवा जाते समय प्रिया हंगामा कर रही थी। आसपास के लोग इसके गवाह थे, जिनके बयान विवेचना में शामिल हैं। आरोपी का कबूलनामा और डिजिटल साक्ष्य भी जांच में शामिल है। पुलिस के अनुसार बच्चे के डीएनए से यह पुष्ट हो जाएगा कि विजय ही उसका बायोलॉजिकल पिता है।
होटल, यात्रा, मोबाइल डेटा, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान के आधार पर यह साबित किया जाएगा कि हत्या की साजिश आरोपी ने रची और वारदात को अंजाम दिया। विवेचना में जुटाए गए डिजिटल और भौतिक सबूत आगे की कार्रवाई में मुख्य भूमिका निभाएंगे। फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मामले को पेश करने की तैयारी भी चल रही है।
- ज्ञानेंद्र नाथ, एसपी नार्थ