एसपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपित ने बताया कि 11 मई की रात 2 बजे के करीब वह बागीचे में गया जहां पर लोटन झोपड़ी डालकर रहता था। उसे सोता देख पहले उसपर ईंट से प्रहार किया और फिर चाकू से गर्दन काट दिया। चाकू को वहीं छिपाकर भाग गया।
एसपी ने बताया कि घटना के बाद ही पुलिस टीम को गठित कर बदमाश के गिरफ्तारी के लिए लगाया गया था। पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच में जुटी पुलिस को मनीष पर शक हुआ जिसके आधार पर उसे दबोच लिया गया। पूछताछ में मनीष ने जुर्म कबूल करते हुए आला कत्ल भी बरामद करा दिया है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में इंस्पेक्टर खजनी प्रदीप शुक्ला, उप निरीक्षक दुर्गेश कुमार सिंह, अरविंद यादव, हेड कांस्टेबल प्रभाकर पांडेय, कांस्टेबल राधेश्याम यादव, अरविंद यादव, पिंटू चौहान, रमाशंकर तिवारी शामिल थे।