देवरिया जिले के कोतवाली क्षेत्र के उमानगर निवासी रिटायर्ड जज दुर्गा प्रसाद जायसवाल के अधिवक्ता पुत्र विष्णु जायसवाल की कोतवाली में पुलिस ने बुधवार की देर रात बांध कर पिटाई कर दी। इससे आक्रोशित अधिवक्ताओं ने गुरुवार की दोपहर में कलेक्ट्रेट में नारेबाजी की। पुलिस और अधिवक्ताओं में धक्का-मुक्की हुई। दिवानी अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सिंगासन गिरी ने केस दर्ज करने की मांग की।
मालवीय रोड पर रामजानकी मंदिर के सामने दुकानें बनी हैं, इससे प्रशासन शहीद रामचंद्र विद्यार्थी स्मारक बनाने के लिए तोड़वा रहा है। इसमें अधिवक्ता विष्णु जायसवाल की भी दुकान को तोड़फोड़ दिया गया। अधिवक्ता ने बुधवार की शाम विरोध किया तो पुलिस उसे कोतवाली उठा ले गई।
इसके तीन घंटे बाद पुलिस ने अधिवक्ता को छोड़ दिया। आरोप है कि वहां उसे बांधकर पीटा गया। अधिवक्ता जब गुरुवार की सुबह दीवानी न्यायालय पहुंचे तो उनकी चोट देखकर अन्य अधिवक्ता आक्रोशित हो गए। दीवानी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सिंहासन गिरी पूर्व अध्यक्ष सुशील मिश्रा कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बृज बांके तिवारी पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता संघ सुभाष चंद्र, प्रीतम मिश्रा सहित सैकड़ों अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए डीएम ऑफिस पहुंचे।
वहां एसडीएम सदर अपने चेंबर में बैठे थे, अधिवक्ताओं ने उनके खिलाफ नारेबाजी की। सूचना पर कई थानों की फोर्स पहुंच पहुंच गई। काफी मान मनोव्वल के बाद अधिवक्ता को लेकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां अधिवक्ता का मेडिकल चेकअप कराया गया, अधिवक्ता ने डीएम को प्रार्थना पत्र दिया है। जिसमें एसडीएम सदर, इंस्पेक्टर कोतवाली पर बांधकर मारने पीटने का आरोप लगाया है।