गोरखपुर में ताल सुमेर सागर के बाद असुरन पोखरे का मामला भी निस्तारण की दिशा में है। इसी के साथ अब सदर तहसील प्रशासन ने शहर के दो और क्षेत्रों में ऐसे पोखरे चिह्नित किए हैं जिनके करीब आधे हिस्से का कब्जा कर कच्चा-पक्का निर्माण कराया जा चुका है।
दोनों ही स्थानों पर निर्माण कार्य रोक दिया गया है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम सदर गौरव सिंह सोगरवाल ने जीडीए और नगर निगम को पत्र लिखकर मामले का निस्तारण होने तक किसी भी निर्माण के लिए मानचित्र नहीं स्वीकृत करने के साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा कि वहां किसी भी तरह का विकास कार्य न हो सके।
तहसील प्रशासन की तरफ से तालाब, पोखरे एवं जलाशय पर कब्जे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बाद अब आम लोगों ने भी कब्जे की जानकारी देनी शुरू कर दी है। इसी तरह की शिकायत छोटे काजीपुर और दौलतपुर से भी जुड़ी मिली थी।