लीला चित्र मंदिर देखने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के साथ मंच पर पहुंचे। मंच पर अतिथियों का अभिनंदन ऋषिकुल ब्रह्मचर्य आश्रम चुरू राजस्थान में गीता प्रेस की ओर से संचालित वेद विद्यालय से आए सात वेदपाठी बालकों ने गीता के श्लोकों का पाठ करके किया। मंच पर गीता प्रेस के ट्रस्टी देवीदयाल अग्रवाल ने प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए गीता प्रेस के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
ट्रस्ट की तरफ से प्रधानमंत्री, राज्यपाल व मुख्यमंत्री को उत्तरीय व स्मृति चिह्न प्रदान कर स्वागत किया। मंच पर प्रधानमंत्री के साथ राज्यपाल, मुख्यमंत्री के अलावा सांसद रविकिशन शुक्ला, गीता प्रेस ट्रस्ट बोर्ड के चेयरमैन केशवराम अग्रवाल, महासचिव विष्णु प्रसाद चांदगोठिया, बैजनाथ अग्रवाल और पूनम चंद राठी मौजूद रहे। समारोह का संचालन गीता प्रेस के प्रबंधक लालमणि तिवारी ने किया।
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गीता प्रेस के शताब्दी वर्ष के समापन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आर्ट पेपर पर 1008 पृष्ठों पर प्रकाशित शिव महापुराण के विशिष्ट रंगीन चित्रमय अंक और नेपाली भाषा में प्रकाशित शिव महापुराण का विमोचन किया। रंगीन चित्रमय शिव महापुराण में 225 चित्र भी समाहित हैं, जबकि नेपाली भाषा में अनुवादित शिव महापुराण दो खंडों में है। पीएम मोदी ने चित्रमय शिव महापुराण और नेपाली भाषा में शिव महापुराण के विमोचन का अवसर मिलना अपना सौभाग्य बताया।
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प्रधानमंत्री ने देखी चार मिनट की डॉक्यूमेंट्री
शताब्दी वर्ष समापन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष गीता प्रेस पर चार मिनट की डॉक्यूमेंट्री फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। इस डॉक्यूमेंट्री में गीता प्रेस की स्थापना से लेकर अब तक की यात्रा का वृतांत है। प्रधानमंत्री ने राज्यपाल व सीएम के साथ बड़ी तन्मयता से डॉक्यूमेंट्री फिल्म देखी।
लीला चित्र मंदिर में लिया गया ग्रुप फोटो
लीला चित्र मंदिर के अवलोकन के बाद प्रधानमंत्री के साथ ग्रुप फोटो लिया गया। इसमें गीताप्रेस प्रबंधन की ओर से कुल 22 लोग शामिल रहे। इनमें केशव राम अग्रवाल, विष्णु प्रसाद चांदगोलिया, बैजनाथ अग्रवाल, पूनम चंद, देवी दयाल अग्रवाल, ईश्वर प्रसाद पटवारी, मुरली मनोहर सराफ, नारायण प्रसाद अजीत सरिया, कृष्ण कुमार खेमका, परीक्षित अग्रवाल, राम नारायण चांडक, धन प्रकाश गोयंदका, हरि प्रसाद अग्रवाल, कमला प्रसाद काजरिया, चंद्र प्रकाश रामसिसारिया, नील रतन चांदगोठिया, दीनदयाल अग्रवाल, नील रतन मस्करा, गोविंद ढोलकिया, ओम प्रकाश खरकिया, जय किशन सारडा, विनीत अजीत सरिया शामिल रहे।