चार साल में तैयार करेंगे 200 से अधिक एयरपोर्ट : मोदी
प्रधानमत्री बोले- पांच एयरपोर्ट पर आठ नई फ्लाइंग एकेडमी खुलेंगी
अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा से तेज होगी विकास की गति
अमर उजाला ब्यूरो
कुशीनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार ने उन क्षेत्रों की एयर कनेक्टिविटी पर अधिक जोर दिया है, जहां के बारे में लोगों ने सोचा तक नहीं था। सरकार की कोशिश है कि आने वाले चार साल में 200 से अधिक एयरपोर्ट, हेलीपोर्ट और सीप्लेन के लिए वाटरपोर्ट भी तैयार किए जाएं। इस दिशा में काम शुरू हो गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का लोकार्पण करके तथागत भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली से अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा की शुरूआत की। पहली फ्लाइट श्रीलंका के प्रतिनिधि मंडल को लेकर आई। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के अंतर्गत 900 से अधिक हवाई रूट स्वीकृत किए गए हैं। इसमें से 350 पर हवाई सेवा शुरू हो गई है। 50 से अधिक एयरपोर्ट चालू हैं।
इसका प्रभाव सामान्यजन में भी दिखने लगा है। मध्यम वर्ग के अधिक लोग हवाई सेवा का लाभ लेने लगे हैं। एविएशन सेक्टर प्रोफेशनली चले, सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता मिले, इस पर लगातार काम हो रहा है। हाल ही में एयर इंडिया से जुड़ा एक बड़ा कदम देश ने उठाया है। यह देश के एविएशन सेक्टर को नई ऊर्जा देगा। ऐसा ही एक रिफार्म डिफेंस एयरस्पेस का सिविल यूज के लिए भी उठा है। इससे कई रूट पर दूरी व समय की बचत हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एविएशन सेक्टर में युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए पांच एयरपोर्ट पर आठ नई फ्लाइंग एकेडमी स्थापित करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनने के साथ ही जेवर (नोएडा) इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर तेजी से काम चल रहा है। अयोध्या, आजमगढ़, अलीगढ़, चित्रकूट, मुरादाबाद, श्रावस्ती में भी एयरपोर्ट पर काम चल रहा है। कुछ सप्ताह में ही दिल्ली से कुशीनगर के लिए स्पाइसजेट की सीधी उड़ान सेवा शुरू हो जाएगी। इससे घरेलू यात्रियों व श्रद्धालुओं को काफी सुविधा मिलेगी।
हर क्षेत्र में जीवन को बदलने वाली है ड्रोन नीति
प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल ही में बनी हमारी ड्रोन नीति कृषि से लेकर स्वास्थ्य तक, डिजास्टर मैनेजमेंट से लेकर डिफेंस तक जीवन को बदलने वाली है। ड्रोन की मैन्यूफैक्चरिंग से लेकर फ्लाइंग ट्रेंड मैनपावर के लिए एक इको सिस्टम विकसित हो रहा है। ‘पीएम गतिशक्ति’ इसी का हिस्सा है। इस मास्टर प्लान के लांच होने से गवर्नेन्स में तो सुधार आएगा ही, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सड़क, रेल व हवाई मार्ग से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर एक दूसरे को सपोर्ट करें। सिविल एविएशन क्षेत्र में 1000 नए विमान जुड़ने का अनुमान लगाया गया है।
भारत विश्व भर के बौद्ध समाज की आस्था और प्रेरणा का केंद्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत विश्व भर के बौद्ध समाज की आस्था और प्रेरणा का केंद्र है। कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की यह सुविधा उनकी आस्था को अर्पित पुष्पांजलि है। भगवान बुद्ध के ज्ञान से लेकर उनके महापरिनिर्वाण का साक्षी यह क्षेत्र अब सीधे दुनिया से जुड़ गया है। श्रीलंका की फ्लाइट का यहां उतारना इस पुण्य भूमि को नमन करने की तरह है। अति पूजनीय महासंघ व अन्य महानुभाव का कुशीनगर आज गर्व से स्वागत कर रहा है। यह सुखद संयोग है कि आज महर्षि वाल्मीकि की जयंती भी है। उनकी प्रेरणा से देश सबको साथ लेकर, सब के प्रयास से, सबका विकास कर रहा है।
कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से दोहरी खुशी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट दशकों की आशाओं और अपेक्षाओं का परिणाम है। आज यहां मुझे दोहरी खुशी हो रही है। आध्यात्मिक यात्रा के जिज्ञासु के रूप में मन में संतोष के भाव हैं, तो पूर्वांचल क्षेत्र के प्रतिनिधि के रूप में यह कमिटमेंट पूरा होने की घड़ी है।
कुशीनगर का विकास केंद्र व राज्य सरकार की प्राथमिकता
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुशीनगर का विकास केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में है। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के होने से यह क्षेत्र भारत का ही नहीं श्रीलंका, थाईलैंड, कंबोडिया, जापान, कोरिया, लाओस, सिंगापुर आदि के श्रद्धा व आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। भगवान बुद्ध से जुड़े स्थानों को विकसित करने व उन्हें बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए सरकार की तरफ से विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी यहां से बहुत दूर नहीं है। कपिलवस्तु बिल्कुल पास ही है। भगवान बुद्ध ने जहां पहला उपदेश दिया था, वह सारनाथ वह भी 200 किलोमीटर दूर है। तथागत ने जहां ज्ञान प्राप्त किया वह बोधगया भी कुछ घंटों की दूरी पर है। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होने से भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर का जुड़ाव देश के हर कोने से हो गया है।
विकसित होगा समग्र विकास का इको सिस्टम
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट सिर्फ एयर कनेक्टिविटी का माध्यम नहीं बनेगा। बल्कि, किसानों, पशुपालकों, दुकानदारों, श्रमिकों, उद्यमियों समेत अन्य वर्ग को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इसके जरिए व्यापार, कारोबार, उद्यम का एक इको सिस्टम विकसित होगा। सबसे ज्यादा फायदा यहां के पर्यटन क्षेत्र को होगा। इससे ट्रैवल, टैक्सी वालों, रेस्टोरेंट्स, छोटे-मोटे बिजनेस करने वालों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
पर्यटन के हर स्वरूप में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी
पर्यटन विकास पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पर्यटन का कोई भी स्वरूप हो, उसके विकास के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत जरूरी है। रेल, रोडवेज, एयरवेज, वाटरवेज की बेहतर कनेक्टिविटी के साथ ही होटल, इंटरनेट, साफ-सफाई, पर्यावरण अनुकूल एनर्जी आदि सभी पर्यटन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करते हैं। 21वीं सदी का भारत इसी सोच के साथ आगे बढ़ रहा है।
वैक्सिनेटेड कंट्री के रूप में भारत से जुड़ा पर्यटन का नया पहलू
प्रधानमंत्री ने पर्यटन के क्षेत्र में वर्तमान समय मे कोविड वैक्सिनेशन की अपरिहार्यता की तरफ इशारा करते हुए कहा कि वैक्सिनेटेड कंट्री के रूप में भारत से पर्यटन का नया पहलू भी जुड़ गया है। वैक्सिनेशन में भारत की प्रगति दुनिया को प्रेरित करेगी और इस वैक्सिनेटेड देश में आने को पर्यटक प्रेरित होंगे।
प्रदेश का सबसे लंबा रनवे वाला एयरपोर्ट
कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट प्रदेश का तीसरा फंक्शनल और सबसे लंबे रनवे वाला एयरपोर्ट है। 45 मीटर की चौड़ाई में इसके रनवे की लंबाई 3200 मीटर है। 260 करोड़ रुपये की लागत से 589 एकड़ में बने इस एयरपोर्ट के एप्रन पर एकसाथ चार बड़े हवाई जहाज खड़े किए जा सकते हैं। इस एयरपोर्ट से दक्षिण पूर्व एशियाई देशों से सीधी एयर कनेक्टिविटी की सुविधा हो गई है। इससे अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आगमन में 20 प्रतिशत तक की वृद्धि का अनुमान है। कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के क्रियाशील हो जाने से पूर्वांचल में पर्यटन विकास के साथ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही स्थानीय उद्योगों व उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलेगी।