सरदारनगर (गोरखपुर)। चौरीचौरा थाना क्षेत्र की एक महिला ने लखनऊ की एक महिला, उसके ड्राइवर, महिला के पति और अन्य लोगों पर बंधक बनाकर शारीरिक शोषण, मारपीट और उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पीड़िता ने मुख्यमंत्री और डीआईजी को प्रार्थना पत्र भेजकर मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, पारिवारिक विवाद के चलते वह अपने मायके में रह रही थी। इसी दौरान काम की तलाश में लखनऊ के अलीगंज गई। वहां उसकी मुलाकात एक महिला के ड्राइवर से हुई। आरोप है कि ड्राइवर काम दिलाने के बहाने उसे अपने साथ ले गया और उसकी इच्छा के विरुद्ध कई बार शारीरिक शोषण किया। इस दौरान उसका मोबाइल भी छीन लिया गया। आरोप है कि जिस मकान में उसे रखा गया, वहां की मालकिन घर का सारा काम कराती थी। उसे जबरन शराब पिलाई जाती थी और नशीली गोलियां खिलाई जाती थीं। विरोध करने पर मारपीट की जाती थी।
पीड़िता का यह भी आरोप है कि इसी दौरान उसने एक बच्ची को जन्म दिया, जिसे बेचने के लिए आरोपी ड्राइवर अब दबाव बना रहा है। आरोप है कि विरोध करने पर उसे लोहे की जंजीरों से बांधकर रखा जाता था। मकान मालकिन के पति ने भी उसका शारीरिक शोषण किया। घर में आने-जाने वाला एक अन्य व्यक्ति भी उसके साथ गलत काम करने का दबाव बनाता था।
महिला का कहना है कि घर में काम करने वाली एक अन्य महिला ने उसके हाथ-पांव की जंजीर खोल दी, जिसके बाद वहां से भागकर छह जुलाई को मायके पहुंची। आरोप है कि इसके बाद भी आरोपी ड्राइवर उसके माता-पिता और भाई को जान से मारने की धमकी दे रहा है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि संबंधित लोगों का एक संगठित गिरोह है, जो महिलाओं के साथ इस तरह की घटनाओं को अंजाम देता है।
इस संबंध में एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि तहरीर प्राप्त होने पर मामले की जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।