अपने घरों में प्रैक्टिस करते खिलाड़ी।
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना महामारी की वजह से खेल गतिविधियां एक बार फिर थम गई हैं। संक्रमित होने की आशंका और लॉकडाउन के चलते खिलाड़ियों की गेम प्रैक्टिस के साथ मैदान पर व्यायाम पूरी तरह से बंद हैं। ऐसे में खिलाड़ियों ने फिजिकल फिटनेस को बनाए रखने के लिए घर पर रहकर ही योग के साथ अन्य शारीरिक व्यायाम करके खुद को मजबूत बनाने में लगे हैं।
उनका कहना है कि वो सीढ़ी चढ़कर, प्लैंक, स्किपिंग, पुशअप, प्राणायाम समेत छत के सैकड़ों चक्कर मारने के साथ वजन बढ़ने से रोकने वाले व्यायाम में जुटे हैं। कहा की वर्ष 2020 से ही कोरोना संक्रमण के चलते खेल गतिविधियों का आयोजन नहीं हो रहा है।
खासकर फिजिकल कांटेक्ट में आने वाले खेल मसलन फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, कुश्ती, बॉस्केटबाल, हैंडबाल, बॉक्सिंग वाले खिलाड़ियों को हालात सामान्य होने पर भी जल्द गेम प्रैक्टिस का मौका नहीं मिलेगा। जबकि बैडमिंटन, एथलेटिक्स, टेबल टेनिस में गेम प्रैक्टिस का मौका पिछले वर्ष भी जल्द मिल गया था।
बदलनी पड़ी दिनचर्या
क्रिकेटर जूही पांडेय ने बताया कि कोरोना की वजह से पूरी दिनचर्या को ही बदलना पड़ा है। विषम परिस्थितियों के मुताबिक खुद ढालकर घर पर रहते हुए फिजिकल फिटनेस को बनाए रखने में लगे हैं। दो दो हजार के स्किपिंग सेट लगाती हूं।