कमिश्नर ने आएमए के पदाधिकारियों के साथ बैठक की।
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कोरोना से ठीक होने के बाद भी कई तरह की परेशानियों (पोस्ट कोविड) का सामना कर रहे मरीजों को लेकर प्रशासन गंभीर है। मंगलवार को कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने इस समस्या के साथ कोरोना की तीसरी लहर से बचाव एवं तैयारियों आदि को लेकर स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और पुलिस के आला अफसरों के साथ बैठक की।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को बुधवार तक हर हाल में कोविड के बाद लोगों को हो रही परेशानियों को कैसे दूर किया जाए इसे लेकर कार्ययोजना बनाकर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही यह भी निर्देश दिए कि कोरोना की तीसरी लहर से बचाव के लिए जरूरी उपकरणों, मानव संपदा का आकलन कर उसकी भी रिपोर्ट उन्हें मुहैया कराई जाए।
कमिश्नर ने अपर निदेशक स्वास्थ्य को निर्देश दिया कि कोविड के बाद होने वाली परेशानियों के इलाज के लिए सभी चिकित्सा अधीक्षको एवं जिला अस्पताल के सीएमएस को ट्रेनिंग दी जाए। कमिश्नर ने कहा कि गांव में ब्लैक फंगस के मरीजों की पहचान एमवाईसी स्तर पर किया जाए। साथ ही पोस्ट कोविड मरीजों के लिये ओपीडी संचालित करने के साथ बीआरडी मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल में वार्ड भी बनाया जाए।