अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। कालेसर स्थित जीरो पॉइंट पर लगाए गए अत्याधुनिक ट्रामल प्लांट ने शहर को कूड़ा मुक्त बनाने की मुहिम को नई गति दी है। इस प्लांट के जरिये प्लास्टिक कचरा, चिप्स के रैपर और अन्य नॉन-बायोडिग्रेडेबल अपशिष्ट को वैज्ञानिक तरीके से अलग किया जा रहा है। प्लांट से निकलने वाले प्लास्टिक वेस्ट को अब मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित सीमेंट फैक्ट्री भेजा जा रहा है। जहां इसका उपयोग वैकल्पिक ईंधन के रूप में किया जाएगा। इससे न केवल कचरे का निस्तारण हो रहा है, बल्कि जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता भी घटेगी।
ट्रामल मशीन की क्षमता 50 टन प्रति घंटा है। शहर के विभिन्न मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) केंद्रों से प्रतिदिन करीब 300 टन कचरा यहां पहुंचता है, जिससे लगभग 45 टन प्लास्टिक कचरा अलग किया जाता है। इससे डंपिंग ग्राउंड पर दबाव कम हो रहा है और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल के निर्देश पर नगर निगम के समन्वयक अधिकारी एनडी पांडेय ने शनिवार को प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि कचरे के समयबद्ध वर्गीकरण से सड़कों पर गंदगी और कूड़े के ढेर की समस्या में उल्लेखनीय कमी आई है।