गोरखपुर में बांस-बल्ली हटाकर उसकी जगह पोल लगाने के काम में लापरवाही बरतने पर कार्यदायी संस्था को चेतावनी दी गई है कि 10 दिनों में अगर खामियां दुरुस्त न हुईं तो भुगतान रोक दिया जाएगा। 11 करोड़ रुपये वाली परियोजना में मेसर्स पावर टेक की तरफ से ग्रामीण खंड में किए गए काम में मनमानी व लापरवाही पाई गई है। अधिशासी अभियंता ग्रामीण (प्रथम) एएच खान के भौतिक सत्यापन के क्रम में यह बदइंतजामी मिली है। उन्होंने संस्था के प्रबंधक को 10 दिनों के भीतर इन खामियों में सुधार लाने का निर्देश दिया है।
खंभों को लगाकर करनी थी आपूर्ति
दरअसल, शहर के चार बिजली खंडों के साथ पादरी बाजार इलाके में लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से बांस-बल्ली को हटाकर खंभों को लगाकर बिजली आपूर्ति करने का प्रस्ताव पारित हुआ। शासन से धन अवमुक्त कर काम शुरू भी हो गया। इसके तहत ग्रामीण वितरण खंड प्रथम में भी विभिन्न कॉलोनी में बांस-बल्ली हटाए गए। अभी हाल ही में फर्म के स्थानीय जिम्मेदारों ने नोडल अधिकारी को 98 फीसदी कार्य पूर्ण करने की रिपोर्ट दी। इसके साथ ही अलग-अलग खंडों में कार्य करने का बीजक (बिल) भुगतान के लिए प्रस्तुत किया। ग्रामीण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता ने अपने क्षेत्र की कालोनियों में विद्युतीकरण कार्य का भौतिक सत्यापन अभियंताओं से कराया।
कामों में पाई गई लापरवाही
पादरी बाजार बिजली घर से जुड़े विभिन्न मोहल्लों में बांस-बल्ली हटाकर किए गए विद्युतीकरण में जगह-जगह खामियां मिली। इसके बाद अधिशासी अभियंता ने फर्म के प्रबंधक को पत्र लिखा। अभियंताओं की रिपोर्ट के मुताबिक ज्यादातर मोहल्लों में एल्टी डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स बिना क्लैंप के लगे है। सैकड़ों सीमेंट के खंभों की ग्राउटिंग नहीं हुई है। खंभों की अर्थिंग नहीं की गई है। स्टे सेट भी नहीं लगाए गए है। एलटी एबीसी कंडक्टर कई मोहल्लों में लूज पाया गया है। ऐसे में काम को फिर से वापस सही करवाया जाए। अधिशासी अभियंता एएच खान ने बताया कि खंड में बांस-बल्ली के कामों में लापरवाही पाई गई है। दस दिनों के भीतर अगर सुधार नहीं करवाया गया तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। फर्म के स्थानीय जिम्मेदार को फोन कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया। लेकिन संपर्क नहीं हो सका। उनका पक्ष आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।