एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर व एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए बदमाशों के बारे में जानकारी दी। एसएसपी ने बताया कि 10 अप्रैल की रात बदमाशों ने पुरानी रंजिश में तीन दोस्तों पर गोलियां चलाई थीं। विश्वास तिवारी की हत्या करने की नीयत थी, लेकिन गोली से उसके दोस्त जुगनू पांडेय की मौत हो गई। जबकि एक अन्य साथी मोनू भी घायल हो गया।
इस मामले में जुगनू के पिता इंद्रजीत पांडेय की तहरीर पर पुलिस ने पांच नामजद व दो अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोपी अमित पटेल और आकाश पाल को पहले ही जेल भेजा गया। अन्य अभियुक्तों की तलाश में पुलिस टीम लगी थी। शुक्रवार सुबह एसपी नार्थ एवं एएसपी मानुष पारिक के नेतृत्व में टीम दबिश देने गई थी।
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इसी दौरान पता चला कि हत्याकांड में शामिल तेजस्वी पटेल और पवन राजभर बाइक से भागने के फिराक में हैं। पुलिस ने घेराबंदी की तो दोनों बाइक से कुसम्हीं जंगल में भागे। पीछा करने पर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
खुद का बचाव करते हुए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की तो तेजस्वी के पैर में गोली लग गई और वह बाइक लेकर गिर गया। पवन ने भागने की कोशिश की, लेकिन उसे भी घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया।
एसएसपी ने बताया कि दिसंबर 2022 में गांव की एक लड़की को लेकर दूसरी जातीय का एक युवक फरार हो गया था। पुलिस ने इस मामले में विश्वास तिवारी के भतीजे दिवाकर को गिरफ्तार किया था। इसके बाद फिर रंजिश और बढ़ गई। तभी से दोनों पक्ष में तनातनी हो गई। इसके बाद फरवरी 2023 में क्रिकेट खेलने के दौरान कहासुनी में दो पक्ष में आमने-सामने हो गए थे और मारपीट हुई थी। जिसमें दोनों तरफ से केस दर्ज किया गया था।
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केस दर्ज कर भूल गई पुलिस, अब एसपी नार्थ करेंगे जांच
अपहरण का केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तो की, लेकिन बाद में सीताराम राजभर के साथ हुई घटना में केस दर्ज किया गया, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। इस मामले में पुलिस ने हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया, लेकिन बाद में विवेचक ने हत्या की कोशिश की धारा हटाकर इसे मामूली घटना बना दी। जिसकी देन रही कि क्रिकेट मैच को लेकर मारपीट हुई और फिर केस दर्ज किया गया, लेकिन इसकी विवेचना में भी लापरवाही की गई।
विवेचना ठीक से नहीं हुई और चार्जशीट लगा दी गई। इस नाते ही दोनों पक्ष एक दूसरे के दुश्मन बन गए और एक दूसरे को मारने का प्लान बनाने लगे। विवेचना में लापरवाही करने वाले दरोगा को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अब एसएसपी ने पूरे प्रकरण में बरती गई लापरवाही की जांच एसपी नार्थ को सौंप दी है। एसएसपी ने बताया कि केस की फिर से विवेचना की जाएगी। जिन पुलिस वालों ने लापरवाही की है, उसकी जांच चल रही है। एसपी नार्थ की जांच रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।