पिकअप चालक अच्छेलाल यादव की हत्या में शामिल दो आरोपितों को पुलिस ने बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि अच्छेलाल पिकअप से माल ढुलाई को लेकर अक्सर उनसे झगड़ा करता था। इससे उनकी कमाई नहीं हो पा रही थी। हत्या वाले दिन भी वह शराब पीकर उन्हें गाली देने लगा। इसकी वजह से उसे मार डाला।
चंद घंटे में ही हत्या का पर्दाफाश करके आरोपितों को गिरफ्तार करने वाली कैंपियरगंज पुलिस की अफसरों ने सराहना की। आरोपितों की पहचान कोतवाली थाना क्षेत्र के छोटेकाजीपुर निवासी एहसान उल्ला उर्फ मुन्ना और जिशान उर्फ छोटू के रूप में हुई है। एसपी नार्थ अरविंद पांडेय ने प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए आरोपितों के बारे में जानकारी दी।
एसपी ने बताया कि मृतक अच्छेलाल बिहार के पश्चिमी चंपारण के बगहा के रहने वाले थे। साहबजगंज में किराए पर कमरा लेकर रहते थे। वह सहजनवां के बोक्टा निवासी चंद्रमौल तिवारी की गाड़ी चलाते थे। साहबगंज स्थित श्यामू काजू स्टोर से सामान लेकर अच्छेलाल यादव लक्ष्मीपुर, महराजगंज जाने के लिए निकले तो पीछे से मुन्ना और निसार दूसरे पिकअप से साथ हो लिए। दोनों को सिद्धार्थनगर जाना था। तीनों ने रास्ते में पुराना विवाद खत्म करने की बात की और एक साथ आगे-पीछे जाने लगे।
इस दौरान खाने-पीने के लिए मुख्य मार्ग से संपर्क मार्ग पर चले गए। रात बारह बजे के करीब अच्छेलाल के गाड़ी से उतरते ही आरोपितों ने पीछे से सिर पर रॉड से हमला कर दिया। अच्छेलाल के गिरते ही पिकअप उसके ऊपर चढ़ा दिया। अच्छेलाल की मौके पर ही मौत हो गई। फिर आरोपित एक-एक पिकअप में हो गए और उसे लेकर भागने लगे। इसी दौरान मुख्य मार्ग पर पिकअप पलट गया और आरोपितों को पुलिस ने दबोच लिया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानेदार निर्भय नारायण सिंह, एसएसआई नितिन रघुनाथ श्रीवास्तव, उप निरीक्षक शंभू दयाल मिश्र, हेड कांस्टेबल रविंद्र नाथ, चंद्रभूषण सिंह शामिल थे।