अत्याधुनिक मशीनों से छात्र प्रशिक्षित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि प्लंबर के काम से जुड़े ट्रेड को विशेष तरजीह दी जाए। बहुत सी सरकारी योजनाओं में प्लंबर की मांग है। इससे युवा अल्प समय में प्रशिक्षित होकर रोजगार से जुड़ सकेंगे। कंपनी के अफसरों ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि ऐसे रोजगारपरक ट्रेड को पाठ्यक्रम में जरूर शामिल किया जाएगा।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि पीजीसीआईएल, पिपरौली में आईटीआई की स्थापना करेगा। इसके लिए 3.50 एकड़ जमीन भी चिह्नित कर ली गई है। कंपनी के अफसरों ने मुख्यमंत्री से मिलकर प्रोजेक्ट की जानकारी दी है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
पीजीसीआईएल के मुख्य प्रबंधक पीएस पटेल ने बताया कि शुरुआत छह ट्रेडों की पढ़ाई से होगी। इसमें प्लंबरिंग, इलेक्ट्रीसिटी, फिटर, होटल मैनेजमेंट और एसी एवं रेफ्रीजेरेशन, मैकेनिक शामिल है। इसके बाद धीरे-धीरे और ट्रेड बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि आईटीआई के लिए पिपरौली के नरकटहा में जमीन मिली है। जमीन आईटीआई के नाम ट्रांसफर होने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।