गोरखपुर में विनोद वन के अलावा अब जिले के किसी भी वन क्षेत्र से किसी वन्य जीव को पकड़ने के लिए डीएफओ से अनुमित लेनी अनिवार्य होगी। प्राणि उद्यान से जितने कर्मियों के नाम की सूची डीएफओ द्वारा स्वीकृत की जाएगी, सिर्फ उन्हें ही वन क्षेत्र में जाने की अनुमति होगी। इसके अलावा वन विभाग के कर्मचारियों के सामने ही वन्य जीवों को पकड़ा जाएगा। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही पर कार्रवाई होगी।
अमर उजाला के शनिवार के अंक में प्रकाशित खबर ‘हिरण को काबू करने में बेरहम हो गए वनकर्मी, वीडियो वायरल’ का संज्ञान लेकर डीएफओ अविनाश कुमार ने रेंजर विनोद वन को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था। इसके जवाब में रेंजर ने बताया कि फोटो में दिखने वाले कर्मी वन विभाग के नहीं थे। इसके अलावा प्राणि उद्यान की तरफ से भी प्रेस नोट जारी कर बताया गया कि हिरण को पकड़ने के दौरान वह उत्तेजित होकर बेकाबू हो गया था। ऐसे में उसे फिजिकल रिस्ट्रेन तकनीकी से पकड़ना पड़ा।
इस दौरान किसी ने फोटो खींचकर वायरल कर दी। मामले में शनिवार को डीएफओ ने खुद प्राणि उद्यान प्रबंधन से हिरणों की जानकारी ली। पता चला कि सभी हिरण पूरी तरह स्वस्थ हैं। भविष्य में ऐसी घटना न हो इसलिए डीएफओ ने सर्कुलर जारी कर दिया है।
टीम के सभी सदस्यों के मोबाइल किए जा रहे चेक
सूत्रों के अनुसार खबर प्रकाशित होने के बाद शनिवार को हिरण को पकड़ने पहुंची टीम के सदस्यों के मोबाइल चेक किए गए हैं। हालांकि फोटो किसके मोबाइल से ली गई, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। निदेशक राजामोहन ने बताया कि उस समय वन विभाग और प्राणि उद्यान दोनों का स्टाफ वहां मौजूद था, ऐसे में जांच की जा रही है कि फोटो किसने खींची।
चिड़ियाघर पुलिस चौकी का हुआ उद्घाटन
चिड़ियाघर पुलिस चौकी का उद्घाटन किया गया। निदेशक ने बताया कि पार्किंग के बाहरी हिस्से में चौकी का भवन तैयार हो गया है। सबसे पहले चिड़ियाघर पर झंडा फहराया गया। इसके बाद सुबह 11 बजे एसएसपी ने चिड़ियाघर पुलिस चौकी का उद्घाटन किया।