मौके पर जब काफी संख्या में पहुंची तो दारोगा को बंधन मुक्त कराकर थाने लाई। इस मामले में प्रधान समेत कई के विरुद्व केस दर्ज हुआ था। दूसरी घटना वर्ष 2017 में क्षेत्र के छपरा मगर्बी गांव में घटी थी। जहां बालू खनन के रास्ते को लेकर हो रहे विवाद का निस्तारण कराने पूर्व एसओ शहाबुद्दीन समेत अन्य अफसर पहुंचे थे।
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वहां भी जनता और पुलिस से विवाद हुआ। जिसमें पूर्व एसओ पर भीड़ ने जानलेवा हमला कर दिया। हमले में पूर्व एसओ गंभीर रुप से घायल हो गए थे। इस मामले में एसआई रामनयन यादव की तहरीर पर 52 लोगों के विरुद्व जानलेवा हमला समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया था। यह प्रकरण अभी अदालत में विचाराधीन है।