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Gorakhpur: गूगल बाबा सब नहीं जानते, इलाज डॉक्टर के पास ही मिलेगा

Tue, 30 Aug 2022 02:33 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

मनोचिकित्सक डॉ अमित शाही ने बताया कि इसका शिकार युवा ज्यादा हो रहे हैं। ये पढ़े लिखे लोग हैं। इसकी वजह से ये लोग आसानी से समझने को तैयार भी नहीं है कि इन्होंने गलती की है। इस तरह के प्रतिदिन तीन से चार केस इलाज के लिए आ रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : istock
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विस्तार
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हर हाथ में स्मार्ट फोन और तेज इंटरनेट से हर समस्या का समाधान खोजने के लिए लोग गूगल बाबा की शरण में पहुंच जाते हैं। लेकिन, जब बात स्वास्थ्य की हो तो ऐसा करना भारी पड़ रहा है। इंटरनेट पर पड़ी स्वास्थ्य संबंधी गलत जानकारियां युवाओं को मानसिक और शारीरिक तौर पर बीमार बना रहीं हैं।

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लक्षण के आधार पर युवा इंटरनेट पर उपचार ढूंढ रहे हैं, नतीजतन वे तनाव का शिकार हो रहे हैं। डॉक्टरों की भाषा में इस स्थिति को इडियट सिंड्रोम (डिराइव्ड इंफार्मेशन ऑब्सट्रक्टिंग ट्रीटमेंट) या साइबर कांड्रिया कहते हैं।

जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ अमित शाही ने बताया कि इसका शिकार युवा ज्यादा हो रहे हैं। ये पढ़े लिखे लोग हैं। इसकी वजह से ये लोग आसानी से समझने को तैयार भी नहीं है कि इन्होंने गलती की है। इस तरह के प्रतिदिन तीन से चार केस इलाज के लिए आ रहे हैं।
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इन्हें कोई बीमारी नहीं है, लेकिन ये लोग इंटरनेट पर गलत जानकारियों की वजह से मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं। ऐसे लोगों को सलाह दी जा रही है कि इंटरनेट पर दवाओं और इलाज से संबंधित जानकारी के भरोसे न रहें। अगर दिक्कत है, तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं। वरना थोड़ी सी लापरवाही ऐसे लोगों को गंभीर रूप से बीमार बना सकती है।  


 

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जरूरी नहीं कि इंटरनेट की हर जानकारी सही हो

डॉ अमित शाही ने बताया कि उनके पास कई ऐसे केस आए जो इंटरनेट के उपचार पर भरोसा करते हैं, लेकिन जब मामला बिगड़ जाता है, तब डॉक्टरों के पास पहुंचते हैं। ऐसे लोगों को इंटरनेट पर ज्यादा भरोसा रहता है। जबकि, जरूरी नहीं कि इंटरनेट पर हर जानकारी सही ही हो। इसलिए ऐसे मरीजों को सलाह दी जाती है कि वे इंटरनेट इलाज के तरीके बिल्कुल न ढूंढे। क्योंकि, इंटरनेट केवल सूचना के लिए ठीक है। इलाज के लिए बिल्कुल भरोसा न करें।

केस एक- इंटरनेट ने बताया मुंह का कैंसर, निकला छाला
24 साल के एक युवक के मुंह में जख्म हो गया। काफी समय से ठीक हो नहीं हो रहा था। युवक ने इंटरनेट पर लक्षण के आधार पर दवा खोजी। इंटरनेट पर जो जानकारी मिली उसके हिसाब से युवक को मुंह का कैंसर था। घबराया युवक जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ एनके वर्मा के पास पहुंचा। जांच की गई तो पता चला कि कोई गंभीर बीमारी नहीं है। छाले की वजह से जख्म हो गया था। इलाज से वह ठीक हो गया।

केस दो- लत थी मोबाइल की, बता दिया मानसिक रोगी
21 साल के एक युवक के सिर में काफी दिनों से दर्द था। साथ ही उसे नींद न आने की शिकायत थी। इस पर उसने इंटरनेट पर इलाज ढूंढना शुरू किया। लक्षण के आधार पर निष्कर्ष निकला कि वह मानसिक रोगी हो गया है। कई दिनों तक बेचैन रहने के बाद युवक ने जिला अस्पताल के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित शाही से परामर्श लिया। जांच में पता चला कि वह मोबाइल का इस्तेमाल अधिक करता है। इसकी वजह से उसे यह समस्या थी। डॉक्टर ने मोबाइल कम इस्तेमाल करने की सलाह दी। युवक की समस्या दूर हो गई।
 
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