‘जल ही जीवन है’ के सूत्र को अपने जीवन में उतार कर इसके संरक्षण के प्रति सचेत चौधरी भूपेंद्र सिंह लोगों के लिए नजीर हैं। अपने प्रतिष्ठान आनंद हाईवे रिजॉर्ट के परिसर में वाटर रिचार्ज सिस्टम की यूनिट लगाकर हर वर्ष बीस लाख लीटर पानी बचाते हैं।
बकौल भूपेंद्र, वह होटल व्यवसाय के साथ-साथ गवर्नमेंट कांटेक्टर का भी काम करते हैं। सरकारी भवनों को बनवाते वक्त अमूमन हर बड़ी बिल्डिंग में वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण करवाना होता था। यह काम तो वह कई वर्षों से करवाते आ रहे हैं लेकिन कभी अपने होटल में इसे बनवाने का ख्याल नहीं आया। उनका बड़ा बेटा अभिषेक दिल्ली में इंजीनियरिंग की पढ़ाई किया है। छुट्टियों में वह होटल पर आया था।
उसी ने प्रेरित किया और समझाया कि 2600 वर्गमीटर के बड़े परिसर में 20 लाख लीटर पानी बचाया जा सकता है। उसी की प्रेरणा से वह परिसर में ही वाटर रिचार्ज सिस्टम लगवा कर पानी को बचाने की शुरूआत किए। इसके अलावा किचन में लगे आरो सिस्टम से रोजाना सैकड़ों लीटर व्यर्थ हो रहे पानी को भी बचाने की ठानी। उन्होंने बताया कि आरो से निकलने वाले पानी को एक टंकी में एकत्र करते हैं। इसी पानी से किचन में बर्तनों की सफाई की जाती है।
आधा गिलास पानी परोसने पर न हों नाराज
यदि आपको आनंद हाईवे रिजॉर्ट में वेटर आधा गिलास पानी परोसे तो आप नाराज न हों। जरूरत पड़ने पर आप और पानी ले सकते हैं। दरअसल, अक्सर देखा जाता है कि लोग होटल या रेस्टोरेंट में पूरा गिलास पानी लेते हैं लेकिन एक-दो घूंट पानी पीकर ही छोड़ देते हैं। ऐसे में आधा गिलास पानी के संकल्प के जरिए पानी के बेजा इस्तेमाल पर रोक लग सकती है। सोमवार को आनंद हाईवे रिजॉर्ट के सभी कर्मचारियों ने जल संरक्षण की शपथ ली।