पुलिस लाइंस में आए शहर के प्रमुख लोगों ने एसएसपी के सामने दिया सुझाव
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वरिष्ठ दंत चिकित्सक डॉ. संजीव गुलाटी ने बताया कि बैंक रोड से विजय चौक तक आए दिन जाम लगता है। इस सड़क को पहले वन-वे किया गया था, तो बहुत हद तक जाम से निजात मिल गई थी। इस सड़क को वन-वे करने की जरूरत है।
रेड लाइट के साथ ही चौराहे को दुरुस्त किया जाए
शाही ग्लोबल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. शिव शंकर शाही ने बताया कि पैडलेगंज के पास अक्सर जाम लगता है। यहां पर रेड लाइट सही नहीं है। लिहाजा, यातायात नियमों का पालन नहीं होता है। चौराहा की बनावट व व्यवस्था में भी बदलाव की जरूरत है।
ट्रांसपोर्ट नगर से डायवर्जन किया जाए
ट्रांसपोर्टर रामकृष्ण मिश्रा ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर से लेकर फलमंडी तक सर्वाधिक जाम लगता है। आगे जाने पर रुस्तमपुर में जाम और दुष्कर हो जाता है। वाहनों को डायवर्ट करने की जरूरत है। डायवर्जन के बाद ही यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जा सकता है।
सड़क के बीच में बना दी जाए पार्किंग
व्यापारी राघवेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि शहर के प्रमुख बाजारों में पार्किंग नहीं है। यही सबसे बड़ी समस्या भी है। इसका समाधान होना चाहिए। सड़क के किनारे वाहनों को खड़ा करने से जाम लगता है। सड़क के किनारे दोनों तरफ वाहन न खड़े हों, ऐसी व्यवस्था बनानी होगी।
व्यापारी सुरेश कुमार ने बताया कि नखास, रेती रोड पर जाम लगता है। यहां पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का बड़ा बाजार है। ज्यादातर दुकानदार सड़क पर उत्पाद रखते हैं। इससे सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है। यही जाम का सबसे बड़ा कारण है। सामान दुकान के अंदर रहे, तभी जाम से निजात मिल सकती है।
पड़ाव बनाए जाने की जरूरत
ऑटो एसोसिएशन जीके द्विवेदी ने बताया कि ऑटो हो या अन्य वाहन उसके ठहराव केलिए पड़ाव बनाए जाने की जरूरत है। चौराहों के पास भी स्थान निर्धारित किए जाएं, जहां सवारियों को बिठाया और उतारा जा सके। इसके लिए नगर निगम के सहयोग से एक ऐसी जगह देनी की जरूरत है, जहां से ऑटो का संचालन हो सके।
भालोटिया की खाली जमीन पर हो पार्किंग
दवा व्यापारी दिलीप सिंह ने बताया कि दवा की सबसे बड़ी मंडी होने की वजह से भीड़ ज्यादा होती है। यहां जाम लगता है तो असर टाउनहॉल, गोलघर तक पड़ता है। भालोटिया की खाली जमीन पर पार्किंग बनाकर समस्या का समाधान किया जा सकता है।
नागरिक सुरक्षा कोर विकास जालान ने बताया कि साहबगंज किराना मंडी में सड़क पर ही दुकानें लगती हैं। सड़क किनारे ही वाहन खड़े होते हैं। इससे सड़क की चौड़ाई कम पड़ जाती है। रोजाना जाम लगता है। ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराने की जरूरत है, तभी सुधार संभव है।
यह भी सुझाव सामने आए
- चौराहे पर ऐसी व्यवस्था हो कि बाएं जाने का रास्ता एकदम साफ हो, ताकि जिसको बाएं जाना हो उसको रुकना न पड़े।
- स्कूल प्रबंधकों से बातचीत कर एक ही मार्ग पर स्थित स्कूल के छुट्टी के समय में कुछ अंतर कराया जाए।
- अतिक्रमण को हटाया जाए, खजांची, बरगदवां में बड़े वाहन खड़े हो जाते हैं।
- बालू-गिट्टी की दुकान के बाहर सड़क पर कारोबार होता है, इसे बंद कराया जाए।
- नर्सिंग होम, डॉक्टर से संपर्क कर उनसे बात की जाए कि वह पार्किंग की व्यवस्था करें या गार्ड रखे जो गाड़ियों को खड़ा कराएं।
- अतिक्रमण पर रोजाना काम किया जाए, एक बार हटने पर फिर लग जाता है।
- कई जगह दूसरे विभाग के लोग काम कराते हैं और मालूम नहीं होता है इसके लिए पहले से यातायात पुलिस को सूचना दी जाए।
- सड़क के दोनों किनारों पर खड़े वाहनों पर सख्ती से कार्रवाई की जाए।
कमेटी गठित, मौके पर जाएगी
एसएसपी ने एक कमेटी बनाए जाने की घोषणा की है। जाम से निजात के लिए सुझाव आने के बाद एक-एक सड़क का मुआयना कमेटी के सदस्य करेंगे। वहीं बैठक होगी और फिर निर्णय लिया जाएगा। इस निर्णय पर पुलिस, प्रशासन, नगर निगम, जीडीए व पीडब्ल्यूडी सहित अलग-अलग विभाग मिलकर काम करेंगे। कमेटी में डॉ. संजीव गुलाटी, रामकृष्ण मिश्र, सैय्यद आसिफ रउफ, संजय कुमार श्रीवास्तव, आदित्य मिश्रा, जीके द्विवेदी, अजय शर्मा, पटेश्वरी सिंह शामिल हैं।