गोरखपुर शहर में चलने वाली इलेक्ट्रिक बसों का चार्जिंग स्टेशन अगले महीने तक बनकर तैयार हो जाएगा। शासन ने नगर निगम प्रशासन को इस चार्जिंग स्टेशन को 31 मार्च तक तैयार कर लेने का निर्देश दिया है। नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह ने नगर निगम के चीफ इंजीनियर के साथ निर्माणाधीन इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन का निरीक्षण किया और काम में तेजी लाने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
शहर में इलेक्ट्रिक बसों में सफर करने का लुत्फ इसी साल मिलने की उम्मीद जगी है। नगरीय परिवहन प्रणाली के तहत शासन ने गोरखपुर शहर में 25 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की मंजूरी दी है। नगर निगम ने इसके लिए रूट तय कर दिए हैं। वहीं बसों की चार्जिंग के लिए जंगल बहादुर अली, महेसरा में चार्जिंग स्टेशन बनाने का काम शुरू हो चुका है।
चीफ इंजीनियर सुरेश चंद ने कहा कि जंगल बहादुर अली महेसरा में करीब 6246 वर्ग मीटर एरिया में 11.43 करोड़ रुपये की लागत से चार्जिंग स्टेशन बनाया जा रहा है। इसमें 5.59 करोड़ रुपये बिजली का कनेक्शन भी शामिल है। शासन ने 31 मार्च तक पूरा करने का निर्देश दिया है।
निर्धारित दो रूटों पर 12-13 बसें सुबह सात से रात के नौ बजे तक चलाई जाएंगी। स्टॉपेज भी तय कर दिए गए हैं। जिस स्टॉपेज पर बस शेल्टर नहीं हैं, वहां बनवाया जाएगा। अगले चरण में बसों की संख्या में इजाफा होगा।
रानीडीहा- काली मंदिर- झुंगिया (रूट-1)
रानीडीहा तिराहा, एमएमएमयूटी, कूड़ाघाट, गुरुंग तिराहा, आरकेबीके, मोहद्दीपुर चौराहा, विश्वविद्यालय चौराहा, रोडवेज बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, यातायात तिराहा, काली मंदिर, पटेल चौराहा, धर्मशाला फ्लाईओवर, असुरन चौक, एचएन सिंह चौराहा, राप्तीनगर चौराहा, खजांची चौराहा, मुगलहा पेट्रोल पंप, मेडिकल कॉलेज, झुंगिया गेट, झुंगिया चौराहा तक।