गोरखपुर। बारिश से बचने के लिए गुरु गोरखनाथ घाट पर गुंबद के नीचे करीब 15 लोग बैठे थे। इसी दौरान कीचड़ से सना एक कुत्ता वहां पहुंच गया। लोगों ने उसे भगाया लेकिन वह नहीं हटा। इसके बाद एक-एक कर सभी लोग वहां से चले गए, दोनों अधिवक्ता वहीं बैठे रहे। कुछ ही देर बाद गुंबद भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में दोनों अधिवक्ता मलबे में दब गए। इससे दोनों की मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शी आलोक मिश्रा ने बताया कि बारिश के बचने के लिए वह भी गुंबद के नीचे बैठे थे। उस समय करीब 15 लोग वहां मौजूद थे। कुछ देर बाद कीचड़ से सना कुत्ता वहां आया। उसके शरीर से बदबू आ रही थी। लोगों ने उसे भगाया लेकिन वह वहां से नहीं गया। इसके बाद सभी लोग वहां से हट गए। आलोक भी वहां से चले गए। उनके मुताबिक, गुंबद के नीचे बैठे दोनों अधिवक्ता वहीं रुके रहे। दोनों नदी की तरफ मुंह करके बैठे थे। लोगों के वहां से हटने के महज कुछ ही सेकेंड बाद गुंबद भरभराकर नीचे आ गिरा। देखते ही देखते दोनों अधिवक्ता मलबे में दब गए। आलोक मिश्रा ने बताया कि अगर वह कुत्ते के आने के बाद वहां से नहीं हटते तो शायद वह भी हादसे का शिकार हो जाते।
घाट पर दोस्ती निभाने पहुंचे थे, हादसे ने छीन ली जिंदगी
दोनों अधिवक्ता अपने साथी विनोद त्रिपाठी की मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने गुरु गोरक्षनाथ घाट पहुंचे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ देर बाद इसी घाट पर ऐसा हादसा होने वाला है जो दोनों परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लेगा।
आलोक के सिर में गंभीर चोट लगी थी। संजय के सिर, हाथ और पैर में चोट आई है। संजय की स्थिति भी गंभीर थी। अधिवक्ता आलोक अस्थाना की पत्नी शालिनी श्रीवास्तव गृहिणी हैं। बेटा आदित्य एनआईटी पंजाब से बीटेक कर रहा है जबकि बेटी सिद्धि ग्रेजुएशन के प्रथम वर्ष में है। साथी अधिवक्ता सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि आलोक करीब 20 साल से वकालत कर रहे थे। दीवानी न्यायालय में आपराधिक मामलों की पैरवी करते थे। वह सभी के साथ मिलनसार व्यवहार के लिए जाने जाते थे।
सिर में चोट की वजह से हुई मौत
अधिवक्ता आलोक अस्थाना के शव का पोस्टमार्टम रविवार देर शाम कराया गया। रिपोर्ट में सिर में गंभीर चोट लगने के कारण मौत की पुष्टि हुई है। बताया गया कि हादसे में उनके सिर की हड्डियां टूट गई थीं। इन्हीं गंभीर चोटों के कारण उनकी जान चली गई। साथ ही उनके सीने पर भी चोट थी।