महानगर में 10 महीने पहले 500 से अधिक ई-रिक्शा को 19 रूटों पर संचालित करने के निर्देश तो दे दिए गए, लेकिन इसका पालन कराने वाले अब भी आंखें बंद किए हुए हैं। रूट आवंटन के बाद भी हर जगह धड़ल्ले से ई-रिक्शा दौड़ते नजर आ जा रहे हैं।
नई व्यवस्था ध्वस्त
नई व्यवस्था के तहत बिना निर्धारित रूट और लाइसेंस के चलने और चार से अधिक सवारी बैठाने पर कार्रवाई, 50 मीटर के दायरे में सवारी उतारने आदि पर चालान का दावा किया गया था, लेकिन वह कागजों में सिमट गया0।
इन रूटों पर चलने हैं ई-रिक्शा
- इंजीनियरिंग कॉलेज से कचहरी वाया पैडलेगंज
- नंदा नगर से रेलवे स्टेशन वाया मोहद्दीपुर, कूड़ाघाट
- नीना थापा इंटर कॉलेज से कचहरी वाया कूड़ाघाट, पैडलेगंज
- पादरी बाजार से रेलवे स्टेशन वाया चारफाटक
- पादरी बाजार से कचहरी वाया मोहद्दीपुर
- फातिमा हॉस्पिटल से कचहरी वाया रेलवे स्टेशन
- फर्टिलाइजर से रेलवे स्टेशन वाया बरगदवां
- फर्टिलाइजर से कचहरी वाया मेडिकल कॉलेज
- बड़गो से रेलवे स्टेशन वाया कचहरी
- देवरिया बाईपास से कचहरी वाया सहारा स्टेट पैडलेगंज
- बरगदवां से रेलवे स्टेशन वाया गोरखनाथ-धर्मशाला
- मेडिकल कॉलेज रेलवे स्टेशन वाया असुरन
- नौसड़-कचहरी वाया प्रेमचंद पार्क-शास्त्री चौक
- इंजीनियरिंग कॉलेज-रेलवे स्टेशन वाया मोहद्दीपुर
- एयरफोर्स-रेलवे स्टेशन वाया चारफाटक मोहद्दीपुर
- इलाहीबाग-घासीकटरा, बक्शीपुर-टाउनहाल-कचहरी
- खजांची चौराहा-एचएनसिंह चौराहा-धर्मपुर तिराहा गीता वाटिका असुरन-पुलिस चौकी मोहद्दीपुर
- डोमिनगढ़-रेलवे स्टेशन-तिवारीपुर, बेनीगंज चौराहा, जाफरा बाजार चौराहा, बक्शीपुर, बैंकरोड, विजय चौराहा, गोलघर
संभागीय परिवहन अधिकारी अनीता सिंह ने कहा कि ई-रिक्शा के संचालन को रूट तय किए गए हैं। लेकिन, अभी ई-रिक्शा चालकों की कुछ समस्याएं हैं जिसके निस्तारण का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही रूट के हिसाब से संचालन शुरू करा दिया जाएगा।